अब यूपी पुलिस को भी चाहिए कॉमेडियन फारूकी की कस्टडी, प्रोडक्शन वारंट जारी

यूपी के प्रयागराज में साल भर पहले दर्ज एक केस में फारूकी पर गुजरात के दंगों में अमित शाह और आरएसएस की भूमिका पर ज़ोर देने के साथ ही देवी देवताओं का मज़ाक़ उड़ाने का आरोप भी लगाया गया है

Updated: Jan 18, 2021, 10:48 AM IST

अब यूपी पुलिस को भी चाहिए कॉमेडियन फारूकी की कस्टडी, प्रोडक्शन वारंट जारी
Photo Courtesy: Freepress journal

लखनऊ/भोपाल। स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी की मुश्किलें अभी और बढ़ सकती हैं। उत्तर प्रदेश की प्रयागराज पुलिस ने मुनव्वर फारूकी अपनी कस्टडी में लेने के लिए प्रोडक्शन वॉरंट जारी करवाया है। प्रयागराज पुलिस के मुताबिक इंदौर की सीजेएम कोर्ट और इंदौर सेंट्रल जेल के समक्ष प्रोडक्शन वारंट पेश कर दिया गया है। फारूकी को इंदौर में एक स्टैंड अप कॉमेडी शो के दौरान गृह मंत्री अमित शाह और देवी देवताओं के अपमान के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में इंदौर पुलिस ने फारूकी के अलावा नलिन यादव, प्रखर व्यास, प्रियम व्यास और एडविन एंथनी को भी 1 जनवरी को गिरफ्तार किया था। अगले दिन फारूकी के दोस्त सदाकत खान को भी पुलिस ने उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वो उससे मिलने आया था।

दरअसल मुनव्वर फारूकी के खिलाफ प्रयागराज में करीब एक साल पहले मामला दर्ज किया गया था। फारूकी पर आरोप है कि उसने अपने एक अपलोडेड वीडियो में गुजरात के दंगों में अमित शाह और आरएसएस की भूमिका पर ज़ोर दिया है। इसके अलावा उस पर हिन्दू देवी देवताओं और गोधरा कांड में मारे गए लोगों का मज़ाक उड़ाने का आरोप भी लगाया गया है। प्रयागराज के जॉर्ज टाउन थाना के SHO शिशुपाल शर्मा ने मीडिया को बताया कि फारूकी के खिलाफ मुकदमा 19 अप्रैल 2020 को दर्ज किया गया था। लेकिन शिकायत लिखवाने वाले ने उसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी, इसलिए वे फारूकी का पता नहीं लगा पाए थे। मध्य प्रदेश में गिरफ्तारी की खबर से उन्हें फारूकी के बारे में जानकारी मिली। इसी के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में लेने के लिए कार्रवाई शुरू की है।

प्रयागराज पुलिस द्वारा प्रोडक्शन वारंट जारी करने के बाद फारूकी की मुश्किलें अभी और बढ़ सकती हैं। फिलहाल फारूकी पिछले दो हफ्तों से इंदौर की सेंट्रल जेल में बंद हैं। कॉमेडियन फारूकी के खिलाफ अपने एक शो में गृह मंत्री अमित शाह और देवी देवताओं का मज़ाक उड़ाने का आरोप है। हालांकि इंदौर पुलिस अब तक ऐसा कोई वीडियो पेश नहीं कर पाई है, जिसमें फारूकी ने किसी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का उपयोग किया हो। यहां तक कि 15 जनवरी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में पुलिस केस डायरी तक पेश नहीं कर पाई। इसी वजह से फारूकी की ज़मानत याचिका पर सुनवाई को भी अगले सप्ताह तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

अब माना जा रहा है कि अगर इंदौर के मामले में फारूकी को ज़मानत मिल गई तो भी यूपी पुलिस उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लेगी। हालांकि फारूकी के वकील इस मामले में अग्रिम ज़मानत की याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं। इंदौर के मामले में फारूकी के अलावा पांच और लोग भी गिरफ्तार किए गए हैं।