गर्भवती महिला ने मासूम बच्चे के साथ की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा, तुम्हारे रास्ते का कांटा हट गया

ग्वालियर का मामला, महिला सात महीने की गर्भवती थी, तीन वर्षीय बेटे कुणाल के साथ वह फांसी के फंदे से झूल गई, पति समेत ससुराल वालों पर महिला को प्रताड़ित करने का आरोप लग रहा है

Updated: Sep 28, 2021, 10:35 AM IST

गर्भवती महिला ने मासूम बच्चे के साथ की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा, तुम्हारे रास्ते का कांटा हट गया
प्रतिकात्मक तस्वीर

ग्वालियर। बीती शाम ग्वालियर में एक गर्भवती महिला ने आत्महत्या कर ली। महिला अपने तीन वर्षीय बेटे के साथ फांसी के फंदे पर झूल गई। मृतक अपने पीछे एक सुसाइड नोट छोड़ गई है। जिसमें उसने अपनी आत्महत्या का ज़िम्मेदार अपने पति और ससुराल वालों पर लगाया है। महिला ने सुसाइड नोट में लिखा है कि अब खुश रहना, क्योंकि तुम्हारे रास्ते का कांटा अब हट गया है। 

आत्महत्या करने वाली गर्भवती महिला का नाम प्रीति प्रजापति है। ग्वालियर के हजीरा माधवी नगर में रहने वाली प्रीति प्रजापति सात महीने की गर्भवती थी। सोमवार शाम करीब सात बजे कथित तौर पर जब घर में उसके ससुराल का कोई भी व्यक्ति घर में मौजूद था, इस दौरान महिला ने अपने तीन वर्षीय बेटे कुणाल के साथ साड़ी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।

इस घटना का पता तब चला जब पड़ोस में ही रहने वाली एक महिला किसी काम से घर आई। घर में दाखिल होते ही वह अवाक रह गई। प्रीति और उसका बच्चा फांसी के फंदे से लटके हुए मिले थे। आनन फानन में पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को अपनी निगरानी में ले लिया। 

मृतक प्रीति के पास से पांच पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में प्रीति ने अपने साथ हुई प्रताड़ना का वृतांत लिखा है। प्रीति ने पन्नों पर अपना दर्द उकेरते हुए लिखा है कि ससुराल वाले उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। आठ साल पहले जब राजकुमार से उसकी शादी हुई थी, तब शुरुआत में सब कुछ ठीक था। लेकिन जल्द ही उसका पति जुए और शराब के लत में फंस गया। 

इसके बाद ससुराल वाले उसे लगातार प्रताड़ित करने लगे। ससुराल में उसके पति का बड़ा भाई, भाई और माता पिता हैं। सब मिलकर उसके ऊपर दहेज का दबाव बना रहे थे। तीन साल पहले जब उसने लड़के को जन्म दिया, उसके बाद भी ससुराल वालों का रंज प्रीति के प्रति कम नहीं हुआ। 

प्रीति ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि इसी साल जून महीने में उसके जेठ ने गर्भवती होने के बावजूद उसके पेट पर लात मारी थी। इसके बाद वह मुरैना में अपने मायके चली गई थी। लेकिन जन्माष्टमी पर उसका पति मायके पहुंच गया। और अपने साथ ससुराल चलने की ज़िद करने लगा। प्रीति ने जब ससुराल जाने से मना किया तब पति राजकुमार ने आत्महत्या करने की धमकी दी थी। इससे टूटकर प्रीति आखिरकार ससुराल जाने पर मजबूर हो गई। 

लेकिन ससुराल वापस आने के बावजूद उसके साथ प्रताड़ना कम नहीं हुई। जिससे तंग आकर उसने सोमवार को आखिरकार आत्महत्या कर ली। हालांकि प्रीति के परिजन आत्महत्या की बात से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रीति, उनके नाती और प्रीति के पेट में पल रहे बच्चे की हत्या की गई है। प्रीति का परिजनों का आरोप है कि ससुराल वालों ने हत्या कर दोनों मां और बेटे को फांसी के फंदे से लटकाने का नाटक किया है, और इसे आत्महत्या का रूप दिया गया है।