शरद पवार: अनिल देशमुख नहीं देंगे इस्तीफ़ा, परमबीर सिंह ने ट्रांसफर के कारण लगाए झूठे आरोप

शरद पवार ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, फरवरी की शुरूआत में अनिल देशमुख अस्पताल में भर्ती थे, उसके बाद वे क्वैरेंटाइन में रहे, ऐसे में सचिन वाझे से उनकी मुलाकात का दावा ग़लत लग रहा है

Updated: Mar 22, 2021, 04:34 PM IST

शरद पवार: अनिल देशमुख नहीं देंगे इस्तीफ़ा, परमबीर सिंह ने ट्रांसफर के कारण लगाए झूठे आरोप
Photo Courtesy : Rediff.com

मुंबई/नयी दिल्ली। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख इस्तीफ़ा नहीं देंगे, यह बात आज एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दी। पवार ने मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि देशमुख के इस्तीफे का कोई सवाल पैदा नहीं होता, क्योंकि पूर्व कमिश्नर के आरोपों में किसी प्रकार की सच्चाई नज़र नहीं आ रही है।

एनसीपी प्रमुख ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि फरवरी के शुरूआती दिनों में कोरोना से संक्रमित होने के कारण अनिल देशमुख नागपुर के अस्पताल में भर्ती थे। इसके बाद देशमुख 12 दिनों तक होम क्वारंटाइन में रहे। ऐसे में उनके और सचिन वाझे के बीच हुई कथित मुलाकात का दावा गलत लग रहा है। 

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शरद पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बाकायदा कुछ कागज़ात भी दिखाए, जिनसे स्पष्ट हो रहा था कि 6 फरवरी से 15 फरवरी तक देशमुख नागपुर के मल्टीस्पेशिएलिटी अस्पताल में भर्ती थे। इसके बाद वे 16 से 27 फरवरी तक नागपुर स्थित अपने आवास पर होम क्वारंटाइन में रहे। पवार ने पत्रकारों से बीतचीत के दौरान कहा कि अगर आप परमबीर सिंह की चिट्ठी को गौर से पढ़ेंगे तो उसमें फरवरी के मध्य में वाझे और अनिल देशमुख की कथित मीटिंग का ज़िक्र किया गया है। ऐसे में यह साफ़ होता है कि जिस समय का हवाला देकर अनिल देशमुख पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उस दौरान देशमुख अस्पताल में भर्ती थे। लिहाज़ा परमबीर सिंह के आरोपों में कोई दम नज़र नहीं आता। 

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एटीएस द्वारा मनसुख हिरेन मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी किए जाने को लेकर शरद पवार ने कहा कि एटीएस की जांच एकदम सही दिशा में आगे बढ़ रही है। पवार ने कहा कि अनिल देशमुख पर आरोप एंटीलिया बॉम्ब केस और मनसुख हिरेन की मौत के मामले से ध्यान भटकाने के लिए लगाया गया है। हालांकि इसके साथ ही पवार ने यह भी कहा कि देशमुख पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, लिहाजा, इसकी गहराई के साथ जांच होनी ज़रूरी है। हम अचानक कोई निर्णय नहीं ले सकते।  

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उधर शरद पवार द्वारा किए गए देशमुख के बचाव पर पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पलटवार किया है। बीजेपी नेता ने कहा है कि शायद एनसीपी नेता ने परमबीर सिंह की चिट्ठी को अच्छी तरह से नहीं पढ़ा है। परमबीर सिंह की चिट्ठीमें वाझे और अनिल देशमुख की मुलाकात फरवरी के अंत में होने का ज़िक्र है।