अपने खिलाफ नकारात्मक माहौल बनने से घबराई बीजेपी, नड्डा ने की मोदी सरकार की वर्षगांठ पर जश्न न मनाने की अपील

नड्डा ने बीजेपी शासित मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है, बद्द ने कहा है कि कोरोना महामारी में अनाथ हुए बच्चों के लिए बीजेपी शासित एक योजना बनाएं, और उस योजना को 30 मई को एक साथ लागू करे

Updated: May 23, 2021, 12:21 PM IST

अपने खिलाफ नकारात्मक माहौल बनने से घबराई बीजेपी, नड्डा ने की मोदी सरकार की वर्षगांठ पर जश्न न मनाने की अपील
Photo Courtesy: The Print

नई दिल्ली। कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने बीजेपी के खिलाफ जनता के बीच नकारात्मक माहौल बना दिया है। इस बात की भनक बीजेपी को भी अच्छी तरह से लग गई है। अपने खिलाफ बने नकारात्मक माहौल को देखते हुए बीजेपी अब डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है। नकारात्मक वातावरण को कम करने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बीजेपी शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा है जिसमें नड्डा ने मोदी सरकार के कार्यकाल के सात वर्ष पूरे होने पर जश्न नहीं मनाने की अपील की है। 

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपने सभी मुख्यमंत्रियों से कहा है कि कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए अब यह ज़रूरी हो गया है कि बीजेपी के नेता जनता के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाएं। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा है कि इस समय बीजेपी नेताओं को सामाजिक कार्यों में लग जाना चाहिए। लोगों को दवाइयां सहित अस्पतालों में बेड की व्यवस्था उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही जेपी नड्डा ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को कोरोना महामारी में अनाथ हुए बच्चों के लिए एक योजना तैयार करने और उसे एक साथ 30 मई को लागू करने के लिए कहा है। 

बीजेपी अध्यक्ष के इस पत्र के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि चूंकि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता लगातार लोगों की मदद कर रहे हैं, इस वजह से बीजेपी को लेकर जनता में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है। तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के प्रति लोगों में सकारात्मक माहौल बन गया है। 

इतना ही नहीं खुद बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने अंग्रेज़ी के अख़बार को बताते हुए यह बात स्वीकारी है कि बीजेपी के खिलाफ जनता के बीच नकारात्मक माहौल पनप गया है। बीजेपी नेता ने अंग्रेज़ी अख़बार से कहा है कि यह सच है कि पार्टी और सरकार के खिलाफ जनता के बीच एक नकारात्मक माहौल बन गया है। लेकिन जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते तब तक हम इस नकारत्मक माहौल से निपटने के लिए कोई कदम नहीं उठा सकते। यह समय अभी जनता के प्रति साहुनुभूती रखने और उनकी मदद करने का है।