हिमाचल के कुल्लू की मणिकर्ण घाटी में लैंडस्लाइड, बाल-बाल बचे पर्यटक
कुल्लू जिले की मणिकर्ण घाटी में मंगलवार सुबह अचानक लैंडस्लाइड होने से मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग बंद हो गया। पर्यटक सतर्कता के कारण बाल-बाल बच गए।
कुल्लू। तेज धूप और साफ मौसम के बीच हिमाचल प्रदेश में पहाड़ों के दरकने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। ताजा मामला मंगलवार सुबह कुल्लू जिले की मणिकर्ण घाटी से सामने आया जहां अचानक हुए लैंडस्लाइड के कारण मणिकर्ण बरशैणी मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। राहत की बात यह रही कि मौके पर मौजूद टैक्सी चालक सतर्कता दिखाते हुए बाल-बाल बच गए और कोई जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के मुताबिक, घाटीगढ़ के पास पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने लगे। उस समय सड़क से कई टैक्सियां गुजर रही थीं लेकिन चालकों ने खतरा भांपते हुए समय रहते वाहन रोक दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि वाहन कुछ सेकेंड आगे बढ़ जाते तो वे सीधे भूस्खलन की चपेट में आ सकते थे। घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें सड़क पर खड़ी तीन गाड़ियां दिखाई देती हैं और चालक बताते सुनाई देते हैं कि वे महज 10 सेकेंड के अंतर से बड़े हादसे से बच गए।
भूस्खलन के बाद मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। लोक निर्माण विभाग की मशीनरी तुरंत मौके पर भेजी गई और सड़क से मलबा हटाकर यातायात बहाल करने का काम शुरू कर दिया गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यात्रियों और स्थानीय लोगों को फिलहाल इस मार्ग से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।
इस बीच प्रदेश में मौसम साफ रहने के बावजूद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, निचले पहाड़ी और मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 25 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। वहीं, लाहौल स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि, सोमवार को सबसे अधिक अधिकतम तापमान हमीरपुर के नेरी में 28.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 24 से 27 फरवरी तक राज्य के निचले, मध्य और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम सामान्यतः साफ बना रहेगा। हालांकि, 27 और 28 फरवरी को मौसम में हल्का बदलाव संभव है। मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में 28 फरवरी को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। जबकि, ऊंचाई वाले इलाकों में 27 और 28 फरवरी को हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार जताए गए हैं। मैदानी क्षेत्रों में पूरे सप्ताह मौसम साफ रहने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिन में तेज धूप और तापमान में अचानक बढ़ोतरी से पहाड़ी ढलानों की सतह कमजोर हो जाती है जिससे सूखी चट्टानों और ढीली मिट्टी वाले क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय वाहन चालकों को पहाड़ी मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है।




