BJP ने योगी को पहले ही भेज दिया घर, गोरखपुर से उम्मीदवारी पर अखिलेश यादव का तंज

सूत्रों के मुताबिक अयोध्या से चुनाव लड़ना चाहते थे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय नेतृत्व ने गोरखपुर भेज दिया, अब विपक्षी दलों ने किया हमला- बोले पार्टी ने ही उन्हें घर बिठा दिया

Updated: Jan 15, 2022, 06:34 PM IST

BJP ने योगी को पहले ही भेज दिया घर, गोरखपुर से उम्मीदवारी पर अखिलेश यादव का तंज

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से टिकट नहीं मिलने पर विपक्षी दलों को बैठे बिठाए मुद्दा मिल गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसपर तंज कसते हुए कहा है कि पार्टी ने पहले ही योगी को घर भेज दिया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है उन्हें अब घर पर ही रहना होगा, उन्हें घर जाने पर बहुत-बहुत बधाई। 

अखिलेश यादव ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि, 'जो कभी कहते थे कि मथुरा से चुनाव लड़ेंगे, कभी कहते थे प्रयागराज से तो कभी देवबंद से चुनाव लड़ने की बात कहते थे। योगी जी को जनता घर वापस भेजती इसके पहले ही भाजपा ने उन्हें घर वापस भेज दिया है। मुझे खुशी है कि भाजपा ने उन्हें घर भेज दिया है। योगी जी भाजपा के सदस्य नहीं हैं इसलिए उन्हें घर भेज दिया गया। इसके लिये हम भाजपा को धन्यवाद देते हैं।'

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि बीजेपी हिट-विकेट हो चुकी है। इसलिए वो आउट होकर पवेलियन से बाहर जा चुके है। जो सीएम अपने घर में मेट्रो नहीं चला पाया, बिजली नहीं दे पाया उसे समाजवादी पार्टी सबक सिखाएगी। इसी के साथ अखिलेश यादव ने दावा किया समाजवादी पार्टी गोरखपुर की सभी सीटें जीतेगी। सपा के उम्मीदवारों की सूची के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि हो सकता है कि टिकट की सूची न आए। उम्मीदवारों को सीधे फ़ॉर्म ए और बी दे दिया जाये। कोरोना का खतरा है। हालांकि बाद में उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही सपा उम्मीदवारों की सूची जारी कर देगी। 

बता दें बीजेपी ने आज ही सीएम योगा आदित्यनाथ के गोरखपुर शहरी क्षेत्र से चुनाव लड़ने की घोषणा की है। दरअसल, बीते कई दिनों से चर्चा थी कि योगी आदित्यनाथ अयोध्या से चुनाव लड़ेंगे। हालांकि, खुद उन्होंने कहा था कि पार्टी जहां से टिकट देगी वहां से चुनाव लड़ेंगे। सूत्र बताते हैं की उनकी पूरी इच्छा थी कि उन्हें अयोध्या से मैदान में उतारा जाए। ताकि इससे संप्रदायिक ध्रुवीकरण के मुहिम में उन्हें सफलता प्राप्त हो। लेकिन केंद्रीय चुनाव समिति के इस निर्णय के बाद अब उन्हें अपना पुराने क्षेत्र गोरखपुर से ही चुनाव लड़ना होगा।