दिल्ली बॉर्डर पर एक और किसान ने दी जान, कांग्रेस ने कहा ये भाजपाई अहंकार द्वारा की गई हत्या

कांग्रेस ने किसान की ख़ुदकुशी पर बीजेपी को घेरते हुए कहा, ये आत्महत्या नहीं, भाजपाई अहंकार और हठधर्मिता द्वारा की गई सुनियोजित हत्या है, सत्ता को इन हत्याओं का जवाब तो देना ही होगा

Updated: Jan 02, 2021, 10:14 PM IST

दिल्ली बॉर्डर पर एक और किसान ने  दी जान, कांग्रेस ने कहा ये भाजपाई अहंकार द्वारा की गई हत्या
Photo Courtesy: Indiatimes.com

नई दिल्ली। केन्द्र के कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के सीमाओं पर चल रहे आंदोलन के दौरान आज सुबह एक किसान ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने वाले किसान का नाम कश्मीर सिंह बताया जा रहा है। मृतक कश्मीर सिंह यूपी के रामपुर के रहने वाले थे। गाज़ीपुर बॉर्डर के पास कश्मीर सिंह ने आज सुबह सुबह शौचालय में एक रस्सी के ज़रिए लटककर आत्महत्या कर ली।

यहीं पर हो अंतिम संस्कार 

कश्मीर सिंह के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है। अपने सुसाइड नोट में कथित तौर पर मृतक कश्मीर सिंह ने लिखा है कि उनका अंतिम संस्कार यहीं गाज़ीपुर बॉर्डर पर किया जाए। 

मेरी शहादत बेकार न हो 

मृतक कश्मीर सिंह ने अपने सुसाइड नोट में एक अपील भी की है। किसान ने कथित तौर पर लिखा है कि उनकी शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए। कश्मीर सिंह से पहले शुक्रवार को एक अन्य किसान की भी दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। इससे पहले हाल ही में कुंडली बॉर्डर के पास संत राम सिंह नामक एक व्यक्ति ने भी आत्महत्या की थी। संत राम सिंह ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि वो किसानों और उनके बच्चों और पत्नियों के प्रति केंद्र सरकार के रवैए से आहत हैं। केन्द्र सरकार इनके खिलाफ अन्याय कर रही है। लिहाज़ा इस अन्याय के खिलाफ वे अपनी जान दे रहे हैं। 

संत राम सिंह के बाद एक अन्य किसान ने भी ज़हर खा कर जान देने की कोशिश की थी। लेकिन उन्हें बचा लिया गया। इसके बाद आत्महत्या का प्रयास करने वाले किसान ने इसका पूर्ण ज़िम्मेदार प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को ठहराया था। किसान ने कहा था कि जैसे आत्महत्या के लिए उकसाने वाले व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा चलाया जाता है, वैसे ही प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के खिलाफ भी मुझे आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा चलाया जाए। दोनों ने मुझे आत्महत्या के लिए उकसाया है। 

देश से भी ऊपर होता जा रहा है भाजपाई अहंकार: कांग्रेस 

किसान की आत्महत्या के बाद कांग्रेस ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला है। कांग्रेस ने ट्विटर पर लिखा है, 'ये आत्महत्या नहीं है, बल्कि भाजपाई अहंकार और हठधर्मिता द्वारा की गई सुनियोजित हत्या है। सत्ता को इन हत्याओं का जवाब तो देना ही होगा- देर सवेर।"

 

 

कांग्रेस ने किसान आंदोलन में किसानों की लगातार मौत और आत्महत्या की घटनाओं के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराते हुए आगे लिखा है, "किसान आंदोलन में अन्नदाता की लगातार शहादत के बावजूद भाजपाई सल्तनत का अहंकार नहीं टूट रहा है। भाजपाई अहंकार देश से भी ऊपर होता जा रहा है।इतिहास भाजपा के इस हठ को काले अक्षरों में धिक्कार के साथ याद करेगा।" 

घोर असंवेदनशीलता का परिचय दे रही है सरकार: प्रियंका गांधी 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी किसानों की आत्महत्या को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। प्रियंका गांधी ने कहा है, 'सर्द मौसम में दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसान भाइयों की मौत की खबरें विचलित करने वाली हैं। मीडिया खबरों के मुताबिक अभी तक 57 किसानों की जान जा चुकी है और सैकड़ों बीमार है। महीने भर से अपनी जायज मांगों के लिए बैठे किसानों की बातें न मानकर सरकार घोर असंवेदनशीलता का परिचय दे रही है।'