किसानों का अनोखा फैसला, बीजेपी-जेजेपी समर्थकों के घरों में नहीं करेंगे लड़के-लड़की की शादी

हरियाणा के जींद में किसानों ने यह फैसला लिया है कि अपने लड़के-लड़की की शादी करने से पहले वे ये पता करेंगे कि कहीं वह परिवार बीजेपी-जेजेपी समर्थक तो नहीं है

Updated: May 24, 2021, 12:26 PM IST

किसानों का अनोखा फैसला, बीजेपी-जेजेपी समर्थकों के घरों में नहीं करेंगे लड़के-लड़की की शादी

जींद। हरियाणा के जींद में किसानों ने एक अनोखा फैसला सुनाया है। यहां खटकड़ टोल प्लाजा पर सैंकड़ों की संख्या में मौजूद किसानों ने यह निर्णय लिया है कि अब से वे अपने लड़के-लड़की की शादी बीजेपी-जेजेपी समर्थकों के घरों में नहीं करेंगे। किसान नेताओं ने कहा है कि रिश्ता पक्का करने से पहले वह ये पता करेंगे कि कहीं वह परिवार बीजेपी अथवा जेजेपी समर्थक तो नहीं है।

रविवार को खटकड़ टोल प्लाजा पर सैंकड़ों किसानों को संबोधित करते हुए खेड़ा खाप के प्रधान और संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य सतबीर पहलवान ने ये फैसला सुनाया है। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष आजाद पालवां ने कहा कि जो सरकार पिछले 6 महीने से धरने पर बैठे किसान-मजदूर का दर्द नहीं समझ रही है वो सरकार हमारी नहीं है। उन्होंने आरपार की लड़ाई का ऐलान करते हुए कहा है कि हम पीछे नहीं हटेंगे। 

इस दौरान शादी-विवाह वाले फैसले पर वहां मौजूद किसानों से भी उनकी सहमति पूछी गई, जहां सभी ने एक स्वर में कहा की वे अपने बेटे-बेटियों की शादी ऐसे घरों में नहीं करेंगे तो अब भी बीजेपी या जेजेपी का समर्थन करते हों। इस दौरान सतबीर पहलवान ने कहा कि जिस तरह किसी व्यक्ति का गांव में हुक्का-पानी बंद हो तो लोग उनके साथ रिश्ता नहीं करते। उसी प्रकार अब उसमें बीजेपी-जेजेपी समर्थकों के साथ भी कोई किसान परिवार रिश्ता कायम नहीं करेगा।

यह भी पढ़ें: एलोपैथी को लेकर मूर्खतापूर्ण टिप्पणी पर घिरे रामदेव, स्वास्थ्य मंत्री बोले- दुर्भाग्यपूर्ण बयान वापस लें

किसान नेता ने बताया की इसके पहले यह फैसला लिया गया था कि किसी भी गांव में बीजेपी-जेजेपी नेताओं को नहीं घुसने दिया जाएगा। जहां भी वे आएंगे उनका विरोध किया जाएगा। इस फैसले पर सभी लोग अबतक कायम हैं और आगे भी रहेंगे। जबतक कृषि कानून रद्द नहीं होते और हमें एमएसपी की गारंटी नहीं मिल जाती, तबतक ये सारे नियमों का पालन किया जाएगा।

26 मई को मनाएंगे काला दिवस

केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर्स पर किसानों का आंदोलन अब भी जारी है। फसल की कटाई होने के बाद किसानों ने इसे और तेज करने की बात कही है। उधर 26 मई को केंद्र की मोदी सरकार के सात साल पूरे होने के मौके पर किसानों ने विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर ली है। भारतीय किसान यूनियन ने कहा है कि इस दिन विरोध स्वरूप सभी किसान अपने घरों, वाहनों दुकानों पर काले झंडे लगाएंगे। पिछले साल 26 नवंबर को दिल्ली में शुरू हुए किसान आंदोलन के 6 महीने भी इसी दिन पूरे हो रहे हैं।