लड़का-लड़की साथ न बैठें इसलिए BJP नेताओं ने कटवा दिए थे बेंच, अब एक दूसरे की गोद में बैठे स्टूडेंट्स

बस अड्डे पर लड़कों की गोद में बैठीं लड़कियां, लड़का-लड़की एक साथ न बैठें इसलिए बीजेपी नेताओं ने कटवा दिए थे बेंच, अब गोद में बैठकर किया विरोध

Updated: Jul 22, 2022, 04:10 PM IST

लड़का-लड़की साथ न बैठें इसलिए BJP नेताओं ने कटवा दिए थे बेंच, अब एक दूसरे की गोद में बैठे स्टूडेंट्स

तिरुवनंतपुरम। केरल के कॉलेज स्टूडेंट्स इन दिनों एक अनोखा प्रोटेस्ट कर रहे हैं। इस प्रोटेस्ट को उन्होंने 'लैपटॉप प्रोटेस्ट' नाम दिया है। इसके तहत राजधानी तिरुवनंतपुरम के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज (CET) के बाहर बस स्टॉप पर छात्र-छात्राएं एक दूसरे की गोद में बैठ रहे हैं। दरअसल, यहां छात्र अपने महिला साथियों को अपनी गोद में बिठाकर मॉरल पुलिसिंग के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक कॉलेज के बाहर बस स्टॉप पर लगे स्टील बेंच पर अक्सर स्टूडेंट्स बैठा करते थे। इसमें छात्र और छात्राएं दोनों होते थे। क्लास के बाद शाम को बस स्टॉप पर मौज-मस्ती करने वाले युवाओं से कथित राष्ट्रवादी पार्टी बीजेपी के नेताओं को परेशानी थी। उन्हें बस स्टॉप की बेंच पर लड़के-लड़कियों का एक साथ बैठना, हंसना, बातें करना और समय बिताना अच्छा नहीं लगता था। 

मंगलवार को इसे अश्लीलता फैलाने का अड्डा बताते हुए बेंच को तोड़ दिया गया। भाजपा राज्य समिति के सदस्य चेरुवक्कल जयन के नेतृत्व में लड़कों और लड़कियों को एक साथ बैठने से रोकने के लिए एक लंबी तीन सीटों वाली बेंच को काटकर एक-एक सीट का बना दिया गया था। इसके बाद यहां छात्रों ने लैपटॉप प्रोटेस्ट के माध्यम से रूढ़िवादी मानसिकता को बढ़ावा देने वालों को करारा जवाब दिया।

इंजीनियरिंग के छात्र ‘लैपटॉप’ प्रोटेस्ट के दौरान एक-दूसरे की गोद में बैठे थे। उनकी उंगलियां बंधी थीं और हाथ एक-दूसरे के कंधों पर लिपटे हुए थे। इसके साथ ही वह कैमरे में देखकर मुस्कुरा रहे थे। उन्होंने तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की और देखते ही देखते यह वायरल हो गई। 

छात्रों ने कहा कि यह उन लोगों के लिए है, जो कॉलेज स्टूडेंट्स यानी लड़के और लड़कियों को अलग-अलग पंक्तियों में देखना पसंद करते हैं। हमें उनकी सोच पर तरस आती है। हम लड़कियों और लड़कों के एक साथ बैठने को सामान्य बनाना चाहते हैं। हम जिन परिस्थितियों में पले-बढ़े हैं और जिन परिस्थितियों में वे पले-बढ़े हैं, दोनों अलग-अलग हैं। स्वाभाविक है कि एक रात में समाज नहीं बदल जाएगा, लेकिन लोग छात्रों को चोट पहुंचाना बंद कर दें।

CET के छात्रों के इस प्रोटेस्ट को केरल के कई छात्र संगठनों ने सपोर्ट किया है। तस्वीरें वायरल होने के बाद शहर की मेयर आर्य राजेंद्रन स्टूडेंट्स से मिलने पहुंची। उन्होंने कहा कि जिस आधार पर बेंच को तोड़ा गया है, वह आधुनिक समाज के लिए अशोभनीय है। तिरुअनंतपुरम निगम यहां एक नया बस शेड बनाएगा और छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए अच्छी कुर्सियां और बेंच लगाएगा। उन्होंने स्थानीय पुलिस से भी इस मामले में नजर बनाने और ऐसा फिर से करने वालों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश भी दिया है।