गाड़ी के आगे चल रहे किसानों को एसयूवी से कुचलते हुए निकला मंत्री पुत्र, पहले बोनट फिर ज़मीन और फिर स्वर्ग सिधार गए किसान

वीडियो में देखें कि कैसे काले झंडे दिखाकर लौट रहे किसानों को पीछे से रौंद दिया गया मंत्री पुत्र, घटनास्थल पर मची चीख- पुकार.. मगर अबतक नहीं हुआ गिरफ्तार

Updated: Oct 05, 2021, 09:13 AM IST

गाड़ी के आगे चल रहे किसानों को एसयूवी से कुचलते हुए निकला मंत्री पुत्र, पहले बोनट फिर ज़मीन और फिर स्वर्ग सिधार गए किसान

लखनऊ। लखीमपुर खीरी नरसंहार का वीडियो समाने आ गया है। किसानों के नरसंहार का वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल है। जिसमें यह साफ तौर पर दिख रहा है कि प्रदर्शनकारियों को गाड़ी से रौंदा गया। वीडियो के सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को गिरफ्तार करने की मांग तेज हो गई है। 

वायरल वीडियो में यह साफ तौर पर दिख रहा है कि काले झंडे दिखाकर शांतिपूर्वक वापस लौट रहे किसानों को बेहरमी से कुचला गया। वीडियो में किसानों का एक जत्था वापस लौटते हुए दिख रहा है, इसी दौरान अचानक एक तेज़ रफ्तार गाड़ी आती है और उन्हें कुचल दिया जाता है। 

किसानों के कुचले जाने के बाद घटनास्थल पर मचे हाहाकार की आवाज़ें भी वीडियो में कैद हैं। घटनास्थल पट मौजूद लोगों की चीख पुकारें साफ तौर पर सुनाई दे रही हैं। वीडियो में कहीं भी यह नहीं दिख रहा है कि किसानों ने किसी तरह का कोई पथराव किया। ऐसे में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टनी द्वारा किसानों पर लगाया गया यह आरोप भी झूठा साबित हो गया है। 

रविवार को लखीमपुर खीरी में एक शांति प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टनी के बेटे आशीष मिश्रा की गाड़ी से किसानों को बेरहमी से कुचल दिया गया था। आरोप है कि किसानों के कुचले जाने के दौरान खुद केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा उसी गाड़ी में मौजूद थे। इस पूरी घटना के सामने आने के बाद हंगामा मच गया। विपक्षी दल के तमाम नेता लखीमपुर खीरी की ओर कूच कर गए। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें मृतकों के परिजनों से मिलने नहीं दिया। 

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इसी बीच भारी आक्रोश को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने केंद्रीय मंत्री के बेटे के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। आरोपी आशीष मिश्रा सहित 14 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। दूसरी तरफ मृतक के परिजन लगातार हत्यारों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते रहे। योगी सरकार ने इस पूरे मामले की जांच हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में करवाने पर राज़ी हुई है। इसके साथ ही मृतक के परिजनों को 45-45 लाख रुपए की मुआवजा राशि देने का भी एलान किया है।