नारदा स्टिंग केस: CBI ने TMC नेताओं को किया गिरफ्तार, CBI दफ्तर पहुंची सीएम ममता

सीबीआई ने आज सुबह बंगाल के मंत्री फरहाद हाकिम और सुब्रत मुखर्जी, तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा और पूर्व मंत्री शोभन चटर्जी को गिरफ्तार किया।

Updated: May 17, 2021, 12:57 PM IST

नारदा स्टिंग केस: CBI ने TMC नेताओं को किया गिरफ्तार, CBI दफ्तर पहुंची सीएम ममता
Photo courtesy: aaj tak

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी को  तीसरी बार जीत मिलते ही नारदा स्टिंग ऑपरेशन मामले की जाँच शुरू हो गई है। मामले में तृणमूल कांग्रेस के नेता कैबिनेट मंत्री फिरहाद हकीम मंत्री चटर्जी और तृणमूल कांग्रेस के एक विधायक की गिरफ्तारी सीबीआई ने की है। गिरफ्तारी के बाद बंगाल की राजनीति गरमा गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता निजाम पैलेस सीबीआई कार्यालय पहुंची। 


सीबीआई ने आज सुबह बंगाल के मंत्री फरहाद हाकिम और सुब्रत मुखर्जी, तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा और पूर्व मंत्री शोभन चटर्जी को गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि सीबीआई कार्यालय जाने से पहले मुख्यमंत्री चेतला में हाकिम के आवास पर गई थीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीबीआई के अफसरों से कहा की अगर आप इन चार नेताओं को गिरफ्तार कर रहे हैं तो हमें भी गिरफ्तार करो राज्य सरकार व कोर्ट के नोटिस के बिना इन नेताओं की गिरफ्तारी नही कर सकते हैं, अगर फिर भी गिरफ्तार करते हैं तो हमे भी गिरफ्तार किया जाए।

गौरतलब है कि 9 मई को राज्यपाल जगदीप घनखड़ ने टीएमसी के इन चारों नेताओं के खिलाफ सीबीआई केस चलाने की इजाजत दे दी थी। पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ सालों में शारदा स्कैम और नारदा स्कैम लगातार चल रहे हैं। इन मामलों की सीबीआई लंबे समय से जांच में हुई जुटी है। अलग-अलग नेताओं के नाम इन मामलों में आए हैं। इन नेताओं के खिलाफ मामले को आगे बढ़ाया जाए इसको लेकर राज्यपाल से अनुमति ली गई थी।


उल्लेखनीय है कि बंगाल में साल 2016 के विधानसभा चुनाव से पहले नारदा स्टिंग टेप सार्वजनिक हुए थे। दावा किया गया था की ये टेप 2014 में रिकॉर्ड किये गए थे। इस वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति टीएम के नेता कंपनी के प्रतिनिधि से कैश लेते दिखाया गया था।  स्टिंग ऑपरेशन कथित तौर पर नारदा न्यूज पोर्टल के मैथ्यू सैमुअल ने किया था।

स्टिंग्स सामने आने के बाद राज्य में खूब बवाल मचा और मामला हाई कोर्ट पहुंचा। जिसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई।  इस स्टिंग में ही फिरहाद हाशमी सुब्रत मुखर्जी, तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा और पूर्व मेयर सोवन चटर्जी का नाम सामने आया था।