किसी भी समय दोबारा शुरु हो सकता है किसान आंदोलन, राकेश टिकैत ने दिये संकेत

राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने सिर्फ कानून रद्द किये हैं, किसानों की एमएसपी की मांग अब भी पूरी नहीं हुई है, सरकार का काम भी काफी धीमा नज़र आ रहा है, ऐसे में संभावना है कि किसान आंदोलन को किसी भी वक्त शुरु किया जा सकता है

Publish: Dec 27, 2021, 04:22 PM IST

किसी भी समय दोबारा शुरु हो सकता है किसान आंदोलन, राकेश टिकैत ने दिये संकेत

नई दिल्ली। किसान नेता राकेश टिकैत ने किसान आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है। राकेश टिकैत ने किसान आंदोलन के दोबारा शुरु होने के संकेत दिये हैं। किसान नेता ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर सरकार ऐसे ही धीमी रफ्तार में काम करती रही तो किसानों का आंदोलन दोबारा शुरु होने में देर नहीं लगेगी। 

राकेश टिकैत ने जयपुर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने सिर्फ कृषि कानूनों को रद्द किया है। किसानों की दूसरी मांगों की अब तक पूरा नहीं किया गया है। एमएसपी की गारंटी पर कानून भी सरकार को बनाना है। लेकिन इस मसले पर सरकार का काम बेहद धीमा है। अगर ऐसे ही चलता रहा कि तो किसानों को दोबारा आंदेलन शुरु करने में देर नहीं लगेगी।  

राकेश टिकैत से जब पंजाब में किसान संगठनों द्वारा चुनाव लड़ने के फैसले के बारे में सवाल किया गया, तब उन्होंने मीडिया को बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा यह चुनाव नहीं लड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका चुनाव लड़ने का भी कोई इरादा नहीं है। हालांकि राकेश टिकैत ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर यह ज़रूर कहा कि वे आचार संहिता के लागू होने के बाद ही कोई टिप्प्णी करेंगे। लेकिन उन्होंने यह ज़रूर कहा कि उत्तर प्रदेश में किसान ही किंग मेकर की भूमिका में होगा। और किसान उसी राजनीतिक दल के पक्ष में वोट करेंगे, जो उनको फायदा पहुँचाएगा।  

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राकेश टिकैत केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी पर अब तक कोई कार्रवाई न होने के मामले में भी केंद्र सरकार को घेरा। राकेश टिकैत ने कहा कि अजय मिश्रा को पद से न हटा कर सरकार लगातार किसानों की मांग को अनसुना कर रही है। 

किसानों के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी भी लगातार अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करने की मांग कर रही है। लखीमपुर खीरी नरसंहार मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी जांच में पाया था कि किसानों पर एक सोची समझी साजिश के तहत गाड़ी चढ़ाई गयी थी। जिसके बाद केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा सहित मामले के तमाम आरोपियों पर नयी धाराएं जोड़ी गयीं थी।

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एसआईटी के खुलासे के बाद कांग्रेस पार्टी ने अजय मिश्रा की बर्खास्तगी की मांग को और तेज़ कर दिया। राहुल गांधी खुद इस मांग को लेकर संसद में स्थगन प्रस्ताव लेकर आये थे। लेकिन केंद्र सरकार ने अजय मिश्रा टेनी को पद से बर्खास्त नहीं किया। मीडिया रिपोर्ट्स में इस तरह की खबरें भी आ चुकी हैं कि खुद बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व अजय मिश्रा को पद से हटाने की मूड में नहीं है। क्योंकि बीजेपी को इस बात का अंदेशा है कि अजय मिश्रा को पद से हटाना बीजेपी को आगामी विधानसभा चुनाव में भारी पड़ सकता है। बीजेपी को अंदेशा है कि अजय मिश्रा को पद से बर्खास्त किया जाने से बीजेपी को आगामी चुनावों में 70 से 75 सीटों का नुकसान उठाना पड़ सकता है।