ये चुनाव 80 फीसदी बनाम 20 फीसदी के बीच है, चुनाव को योगी आदित्यनाथ ने दिया सांप्रदायिक रंग

उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले वोटर्स को धर्म के आधार पर बांटने में जुटी बीजेपी, बताया 80 बनाम 20 फीसदी के बीच की लड़ाई, विपक्ष ने लगाया सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप, चुनाव आयोग से एक्शन लेने की मांग

Updated: Jan 10, 2022, 02:02 PM IST

ये चुनाव 80 फीसदी बनाम 20 फीसदी के बीच है, चुनाव को योगी आदित्यनाथ ने दिया सांप्रदायिक रंग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले बीजेपी एक बार फिर हिंदू-मुसलमान करने में जुट गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तमाम मुद्दों को दरकिनार कर सांप्रदायिक विभाजन को अपना हथकंडा बना लिया है। सीएम योगी ने कहा है कि ये चुनाव 80 फीसदी बनाम 20 फीसदी के बीच का है। योगी द्वारा दिए गए ये आंकड़े मोटे तौर पर उत्तर प्रदेश में हिंदुओं और मुसलमानों के अनुपात से मेल खाते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को एक न्यूज चैनल द्वारा आयोजित कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। योगी ने दौरान कहा कि, '80 फीसदी समर्थक एक तरफ होगा, 20 फीसदी दूसरी तरफ होगा। मुझे लगता है कि 80 फीसदी सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेंगे। जबकि 20 फीसदी ने हमेशा विरोध किया है, आगे भी विरोध करेंगे लेकिन सत्ता भाजपा की आएगी। भाजपा फिर सबका साथ सबका विकास के अभियान को आगे बढ़ाने का काम करेगी।' 

सीएम योगी इतने पर ही नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि, 'हिंदू विरोधी तत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ को स्वीकार नहीं करेगा। हिंदू विरोधी तत्व पहले भी मुझ पर भरोसा नहीं करते थे, और आगे भी नहीं करेंगे। मैं अपनी गर्दन काटकर ऐसे लोगों के सामने प्लेट में रख दूं तो भी इन्हें मुझ पर यकीन नहीं होगा। लड़ाई अब 80 और 20 कि हो चुकी है।'

सीएम योगी के इस बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष ने संप्रदायिक विभाजन करने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से एक्शन लेने की मांग की है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि बीजेपी वास्तव में केवल 20 प्रतिशत की पार्टी है और 80 प्रतिशत लोग उसके खिलाफ मतदान करेंगे। हालांकि, योगी का उद्देश्य सांप्रदायिक रंग देना है लेकिन लोग इस पर ध्यान नहीं देंगे, और लोग लोकतंत्र को बचाने के लिए लोग वोट करेंगे। 

मामले पर कांग्रेस के कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पीएल पुनिया ने कहा है कि बीजेपी हमेशा ध्रुवीकरण की राजनीति करती है। अगर पांच साल योगी सरकार ने विकास के काम कर लिए होते तो आज यह कहने की नौबत न आती। सोशल मीडिया यूजर्स भी सीएम योगी के खिलाफ तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।