तेजस फाइटर जेट का ब्रेक फेल, रनवे से आगे निकला, IAF ने सभी 30 विमानों को किया ग्राउंड
भारतीय वायुसेना का स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान 7 फरवरी को लैंडिंग के दौरान रनवे ओवरशूट का शिकार हो गया। शुरुआती जांच में ब्रेक फेल होने की आशंका है। घटना के बाद एहतियातन करीब 30 सिंगल-सीटर तेजस जेट्स को तकनीकी जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया है।
भारतीय वायुसेना के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस से जुड़ी एक गंभीर सुरक्षा घटना सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, 7 फरवरी को एक फ्रंटलाइन एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान तेजस फाइटर जेट रनवे से आगे निकल गया था। शुरुआती जांच में ब्रेक फेल होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे में विमान के एयरफ्रेम को नुकसान पहुंचा था। हालांकि, पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर सुरक्षित अपनी जान बचा ली।लती।
जानकारी के अनुसार, यह विमान नियमित प्रशिक्षण उड़ान (ट्रेनिंग सॉर्टी) पूरी कर बेस पर लौट रहा था। लैंडिंग के दौरान पायलट ने ब्रेक लगाने की कोशिश की लेकिन सिस्टम ने काम नहीं किया और जेट रनवे ओवरशूट कर गया। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत इलाके को सील किया गया और तकनीकी टीमों ने जांच शुरू कर दी। हादसा किस एयरबेस पर हुआ इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
न्यूज एजेंसी ANI ने रक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि घटना की जानकारी अब सामने आई है। जबकि, भारतीय वायुसेना की ओर से अब तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस घटना के बाद भारतीय वायुसेना ने एहतियाती कदम उठाते हुए अपने लगभग 30 सिंगल सीटर तेजस लड़ाकू विमानों की पूरी फ्लीट को अस्थायी रूप से ग्राउंड कर दिया है। जांच पूरी होने तक ये विमान उड़ान नहीं भरेंगे। विशेषज्ञ टीमें ब्रेकिंग सिस्टम, लैंडिंग मैकेनिज्म और एयरफ्रेम की विस्तृत तकनीकी जांच कर रही हैं ताकि किसी संभावित सिस्टम वाइड खामी को समय रहते पकड़ा जा सके।
तेजस कार्यक्रम के इतिहास में यह तीसरी बड़ी दुर्घटना मानी जा रही है। इसकी वजह से स्वदेशी लड़ाकू विमान परियोजना की विश्वसनीयता और ऑपरेशनल सुरक्षा पर नई चर्चा शुरू हो गई है। इससे पहले मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर के पास ऑपरेशनल ट्रेनिंग के दौरान एक तेजस जेट इंजन फेल होने के कारण क्रैश हो गया था। वह विमान शहर के जवाहर नगर इलाके में एक हॉस्टल परिसर के पास गिरा था। पायलट ने दुर्घटना से पहले तकनीकी खराबी की सूचना भी दी थी।
दूसरी बड़ी दुर्घटना नवंबर 2025 में अंतरराष्ट्रीय मंच पर हुई थी जब दुबई में एयर शो के दौरान डेमो फ्लाइट करते समय तेजस जेट अल मकतूम एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान गिरते ही उसमें आग लग गई थी और इस हादसे में भारतीय वायुसेना के पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल की मौत हो गई थी।
तेजस एक सिंगल इंजन, मल्टी रोल हल्का लड़ाकू विमान है जिसे उच्च खतरे वाले युद्धक्षेत्रों में ऑपरेशन के लिए डिजाइन किया गया है। यह एयर डिफेंस, स्ट्राइक मिशन और समुद्री टोही जैसे कई रोल निभाने में सक्षम माना जाता है। भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम में इसकी अहम भूमिका है। ऐसा इसलिए क्योंकि भविष्य में पुराने लड़ाकू विमानों की जगह बड़ी संख्या में स्वदेशी प्लेटफॉर्म शामिल करने की योजना है।




