फर्जी टूलकिट मामले में BJP पर ट्विटर का सर्जिकल स्ट्राइक, मैनिपुलेटेड मीडिया का लगा लेबल

फर्जी टूलकिट शेयर कर संबित पात्रा ने कराई BJP की फजीहत, ऑल्ट न्यूज़ के फैक्टचेक के बाद अब ट्विटर ने भी बताया झूठा, बढ़ सकती है पात्रा की मुश्किलें

Updated: May 21, 2021, 03:18 PM IST

फर्जी टूलकिट मामले में BJP पर ट्विटर का सर्जिकल स्ट्राइक, मैनिपुलेटेड मीडिया का लगा लेबल
Photo Courtesy: Aajtak

नई दिल्ली। टूलकिट मामले में बीजेपी नेताओं की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। अब माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने बीजेपी नेताओं पर सर्जिकल स्ट्राइक किया है। ट्विटर ने संबित पात्रा समेत कई नेताओं के ट्वीट पर मैनिपुलेटेड मीडिया यानी भ्रामक और झूठा होने का लेबल लगा दिया है। ट्विटर ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब प्रतिष्ठित फैक्ट चेक वेबसाइट ऑल्ट न्यूज़ ने अपनी जांच में पाया कि यह टूलकिट एक फॉर्जरी यानी जालसाजी अथवा कूटरचना है।

ट्विटर की पॉलिसी में मुताबिक कंपनी वैसे ट्वीट्स पर मैनिपुलेटेड मीडिया का लेबल लगाती है जिनमें छलपूर्वक तोड़ मरोड़कर ऑडियो, वीडियो अथवा तस्वीरों को पेश किया जाता हो। आप भ्रामक और झूठे मीडिया को ट्विटर पर इस तरीके से शेयर नहीं कर सकते हैं जिससे लोग गुमराह हों, धोखा खाएं जिससे शारीरिक सुरक्षा को खतरा या अन्य गंभीर नुकसान हो सकता है। इसी पॉलिसी के तहत ट्वीटर ने संबित पात्रा समेत कई बीजेपी नेताओं के ट्वीट पर मैनिपुलेटेड मीडिया का लेबल लगा दिया।

पिछले साल हुए अमेरिकी आम चुनाव में ट्विटर की यह पॉलिसी तब सुर्खियों में आई थी जबतत्कालीन राष्ट्रपति ट्रंप लगातार झूठी बातें शेयर करते थे। ट्विटर की ओर से कई चेतावनियों के बावजूद जब ट्रंप नहीं माने तो करोडों फॉलोवर्स होने के बाद भी उनका अकाउंट हमेशा के लिए सस्पेंड कर दिया गया। ऐसे में संबित पात्रा के खिलाफ ट्वीटर के एक्शन को भी एक चेतावनी के रूप में ही देखा जा रहा है। पात्रा यदि भविष्य में भी ऐसी फर्जी चीजें ट्वीट करने से बाज नहीं आए तो उन्हें भी अपने अकाउंट से हाथ धोना पड़ सकता है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने 18 मई को ट्वीटर पर एक टूलकिट शेयर किया था। पात्रा ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी देश और प्रधानमंत्री मोदी को बदनाम करने के लिए षड्यंत्र रच रही है। पात्रा के मुताबिक कांग्रेस का प्लान देश में फैले कोरोना के नए वैरिएंट को इंडियन स्ट्रेन या मोदी स्ट्रेन कहलवाना है। साथ ही कुंभ को सुपर स्प्रेडर बताना है। इतना ही नहीं पात्रा ने देशभर में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही मदद को जन संपर्क का जरिया करार दिया है। पात्रा ने यहां तक आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता विदेशी पत्रकारों के ज़रिए भारत की छवि खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। 

इसके बाद बीजेपी के कई बड़े नेता इस डॉक्युमेंट को शेयर करने लगे। हालांकि, कांग्रेस ने तत्काल पलटवार करते हुए पात्रा के दावों को झूठा बताया था। कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस से इसकी शिकायत भी की थी। उधर कांग्रेस ज छात्र संगठन एनएसयूआई ने इस मामले में रायपुर सिविल लाइन थाने में संबित पात्रा के खिलाफ एफआईआर की थी। इसमें एनएसयूआई ने आरोप लगाया था कि बीजेपी नेताओं द्वारा कोरोना काल में हिंसा भड़काने का षड्यंत्र रची जा रही है। इसके बावजूद बीजेपी इस बात पर अड़ी रही की यह टूलकिट कांग्रेस की है।

यह भी पढ़ें: टूलकिट केस: संबित पात्रा और रमन सिंह के खिलाफ रायपुर में FIR, NSUI ने की थी शिकायत

इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब प्रतिष्टित फैक्ट चेक वेबसाइट ऑल्ट न्यूज़ ने इसकी जांच की। फैक्ट चेक एजेंसी ने अपनी जांच में पाया की कांग्रेस के फर्जी लेटरहेड पर इस टूलकिट को बनाया गया है। न्यूज़ एजेंसी ने इस बारे में रिपोर्ट प्रकाशित कर बीजेपी को बेनकाब कर दिया। इसके बाद कांग्रेस ने ट्विटर से मांग की है कि जेपी नड्डा, संबित पात्रा, स्मृति ईरानी और बीएल संतोष के अकॉउंट्स को तत्काल प्रभाव से हमेशा के लिए सस्पेंड कर दिया जाए। मामले की सच्चाई आने के बाद ट्विटर यूजर्स बीजेपी नेताओं को खूब भला बुरा कह रहे हैं।