घोड़ी चढ़ेगा अलखराम: गांव में कभी घोड़ी पर नहीं निकली दलित की बारात, सोशल मीडिया से पूरा होगा सपना

उत्तरप्रदेश के महोबा जिले के दलित युवक की घोड़ी चढ़ने की ख्वाहिश, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों से की मदद की गुहार, दबंगों ने घोड़ी न चढ़ने की दी है चेतावनी

Updated: Jun 06, 2021, 09:34 PM IST

घोड़ी चढ़ेगा अलखराम: गांव में कभी घोड़ी पर नहीं निकली दलित की बारात, सोशल मीडिया से पूरा होगा सपना
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महोबा। शादी को लेकर बचपन से लोगों के कुछ अरमान होते हैं। उत्तरप्रदेश के महोबा जिले के एक युवक का अरमान है कि वह घोड़ी चढ़कर अपनी बारात में निकले। सुनने में मामूली सी इस ख्वाहिश को पूरा करना बेहद ही मुश्किल है क्योंकि युवक दलित है और गांव की परंपरा रही है कि आज तक कोई भी दलित ने घोड़ी पर नहीं बैठा है। आजाद भारत में आजाद नागरिकों को घोड़ी चढ़ने की आजादी न मिल पाने की खबरें आम हैं। हालांकि, इस मामले में अच्छी खबर ये है कि "घोड़ी चढ़ेगा अलखराम"।

मामला महोबा के महोबकंठ थानाक्षेत्र के माधवगंज गांव का है। गांव के निवासी गयादीन अहिरवार के बेटे अलखराम अहिरवार की शादी 18 जून को होनी है। बारात जाने से पहले गांवों में निकासी होती है, जिसमें नाच-गाने के साथ दूल्हा और रिश्तेदार मंदिर जाते हैं। यदि दूल्हा उच्च जाति का हो तब बारात निकासी घोड़ी पर होती है, लेकिन यहां दलितों को घोड़ी चढ़ने नहीं दिया जाता। उधर दूल्हा अलखराम की जिद है कि उसकी बारात घोड़ी पर ही निकले। 

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बेटे की घोड़ी चढ़ने की ख्वाहिश सुनकर गयादीन और उनके परिवार के लोग बेहद चिंतित हैं। उन्हें हर समय यह डर सता रहा है कि बारात के समय कोई अनहोनी न हो जाए। लेकिन अलखराम मानने को तैयार नहीं है। उसने सोशल मीडिया पर लोगों से मदद की गुहार भी लगाई है। अलखराम ने लिखा है कि मेरी शादी 18 जून को है और मैं घोड़े में सवार हो कर अपनी बरात ले जाना चाहता हूं। क्या कोई मेरी मदद कर सकता है?'

अलखराम के इस पोस्ट के बाद गांव में हड़कंप मच गई है। उसके रिश्तेदार उसे समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि ऐसा करना परिवार की सुरक्षा के लिए भारी पड़ सकता है। उधर रो-रोकल मां का हाल बुरा हो गया है। लेकिन अलखराम बस यही रट लगाए है की बाबा साहब के संविधान उसे भी घोड़ी चढ़ने का अधिकार देता है। अलखराम की मां को संविधान के बारे में जानकारी नहीं है, उसे बस इतना पता है कि अगर उनका बेटा घोड़ी चढ़ा तो इलाके के दबंग उनका जीना दूभर कर देंगे।

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अलखराम ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मदद की अपील की है। उन्होंने प्रियंका को शादी में आने का निमंत्रण भी दिया है। इसी बीच अलखराम की बारात को लेकर एक अच्छी खबर आई है। खबर है कि अलखराम घोड़ी चढ़ेगा। उत्तरप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल ने कहा है कि अलखराम को घोड़ी पर जरूर चढ़ाया जाएगा। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मामले कि जांच करने के लिए दो सदस्यीय टीम को गांव में भेजा था, जिसके बाद उन्हें रिपोर्ट भेज दिया गया है। 

कांग्रेस नेताओं से अलखराम के घोड़ी चढ़ने के आश्वासन मिलने के बाद से सोशल मीडिया पर घोड़ी चढ़ेगा अलखराम हैशटैग ट्रेंड कर रहा है। आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी और समाजवादी पार्टी ने भी अलखराम का समर्थन किया और कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उन्हें घोड़ी चढ़ाया जाए। महोबकंड के थानाध्यक्ष सुनील तिवारी ने कहा है कि अलखराम ने बरात की निकासी घोड़ी पर चढ़कर करने के लिए सुरक्षा मांगी है, बारात निकासी के दौरान फोर्स तैनात किया जाएगा। चौतरफा समर्थन मिलने के बाद अलखराम के घर में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।