Tulsidas Jayanti 2020: समाज में जगाई राम भक्ति की अलख

श्री 'रामचरितमानस' की रचना कर समाज में राम भक्ति की अलख जगाने वाले गोस्वामी तुलसी दास की आज जयंती है। महान संत गोस्वामी तुलसीदास ने मानव जाति को श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का काम किया है।

Updated: Jul-27, 2020, 07:45 PM IST

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तुलसीदास को विरोधों का भी करना पड़ा था सामना
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1. तुलसीदास को विरोधों का भी करना पड़ा था सामना

जनश्रुतियों के अनुसार तुलसीदास को काशी के कुछ पंडितों के प्रबल विरोध का सामना करना पड़ा था। उन पंडितों ने रामचरितमानस की पांडुलिपि को नष्ट करने की कोशिश भी की थी। कहा जाता है कि श्री रामचरितमानस की विमलता और उदात्तता के लिए विश्वनाथ जी के मन्दिर में उसकी पांडुलिपि रखी गई थी और भगवान विश्वनाथ का समर्थन मानस को मिला था। जिसके बाद  विरोधियों को तुलसी के सामने नतमस्तक होना पड़ा था।संवत्‌ 1680 में 126 वर्ष की आयु में राभक्त तुलसीदास ने शरीर परित्याग किया।