MP: राखी की लाज रखिए भाई शिवराज सिंह चौहान

महिला अतिथि विद्वानों ने शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया को भेजी राखी, नियमितीकरण का वादा दिलाया याद

Updated: Aug-01, 2020, 08:11 AM IST

MP:  राखी की लाज रखिए भाई शिवराज सिंह चौहान

भोपाल। राखी की लाज रखिए भाई शिवराज सिंह चौहान... यह कहना है, प्रदेश की महिला अतिथि विद्वानों का। मध्य प्रदेश की महिला अतिथि विद्वानों ने "शिव राज" और "महा राज" को राखी भेजकर नियमितीकरण का वादा याद दिलाया है।

अतिथि विद्वानों का कहना है कि वे 25 वर्षों से कॉलेज में पढ़ा रहीं हैं। 15 साल तक बीजेपी सरकार ने इनका नियमितीकरण नहीं किया। कांग्रेस की सरकार ने भी अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का वादा किया था। लेकिन किसी भी सरकार ने अतिथि विद्वानों की कोई सुध नहीं ली। कमलनाथ सरकार ने आश्वासन दिया था कि अतिथि विद्वानों का नियमितिकरण किया जाएगा उसकी जगह हमें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया ।

दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं उच्च शिक्षित बहनें

महिला अतिथि विद्वानों का कहना है कि एक तरफ़ जहां पूरे प्रदेश में रक्षाबंधन की खुशियां हैं। वहीं पिछले 25 वर्षों से मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षित बेटियां आज भी दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। हम बहनें नेट क्वालीफाई है,पीएचडी जैसे डिग्री लेकर उच्च शिक्षित हैं। अपनी जिंदगी का गोल्डन समय प्रदेश की उच्च शिक्षा के लिए समर्पित कर चुके हैं। हम महिला अतिथि विद्वान प्रदेश की बेटियां हैं, बहन हैं, बहू हैं, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि हमसे किए गए बड़े-बड़े वादे अब तक अधूरे हैं। 

शिवराज सरकार की वापसी के बाद भी वादा है अधूरा

अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा की सदस्य डॉक्टर चेतना शर्मा का कहना है कि पिछले 15 वर्षों से प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की सरकार थी, लेकिन कभी भी उन्होने अतिथि विद्वानों की सुध नहीं ली। विपक्ष में रहते हुए  शिवराज सिंह चौहान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के आंदोलन में पहुंचे थे और वादा किया था कि बीजेपी की सरकार बनते ही सभी अतिथि विद्वानों का नियमितिकरण होगा। राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी नियमित करवाने का वादा कर चुके हैं। बीजेपी सरकार की वापसी के 130 दिन हो चुके हैं। अभी तक भाई शिवराज चौहान ने अतिथि विद्वानों की कोई सुध नहीं ली है। प्रदेश भर की महिला अतिथि विद्वानों ने मुख्यमंत्री शिवराज और ज्योतिरादित्य सिंधिया को राखी भेजकर उनका वादा याद दिलाया है कि सभी अतिथि विद्वानों को नियमित किया जाए।