रायपुर धर्म संसद में महात्मा गांधी को गाली, उनके हत्यारे गोडसे को नमस्कार, संत कालीचरण के ख़िलाफ़ केस दर्ज

अब छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित धर्म संसद के दौरान दिए गए हेट स्पीच, महाराष्ट्र से आए कथित संत कालीचरण ने दी महात्मा गांधी को गाली, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दर्ज कराया ग़ैर ज़मानती केस

Updated: Dec 27, 2021, 10:54 AM IST

रायपुर धर्म संसद में महात्मा गांधी को गाली, उनके हत्यारे गोडसे को नमस्कार, संत कालीचरण के ख़िलाफ़ केस दर्ज

रायपुर। देश के अलग-अलग राज्यों में इन दिनों हिंदू धर्म संसद आयोजित हो रहे हैं और धर्म की रक्षा के नाम पर हेट स्पीच दिए जा रहे हैं। हरिद्वार का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से ऐसी ही घटना सामने आई है। यहां धर्म संसद के दौरान कालीचरण नामक संत ने न केवल महात्मा गांधी को गालियां दी बल्कि हत्यारे गोडसे को नमन भी किया। हालांकि, इसी धर्म संसद के मंच से कालीचरण के इस जहरीले बोल की आलोचना भी हुई।

दरअसल, कानपुर के रावण भाटा मैदान में दो दिवसीय धर्म संसद आयोजित किया गया था। इस धर्म संसद में कई राज्यों के सधु-संत समेत कई राजनीतिक दलों के लोग भी पहुंचे थे। रविवार को समापन सत्र के दौरान महाराष्ट्र से आए कथित संत कालीचरण को जब बोलने के लिए माइक मिला तो उन्होंने जहर उगलना शुरू कर दिया। काली चरण ने न केवल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को गाली दी, बल्कि बापू के हत्यारे नाथूराम गोडसे को सार्वजनिक मंच से नमन भी किया। 

कालीचरण ने इस दौरान कहा कि, 'इस्लाम का मकसद राजनीति के जरिए राष्ट्र पर कब्जा करना है। सन 1947 में हमने अपनी आंखों से देखा कि कैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश पर कब्जा किया गया। गांधी ने उस वक्त देश का सत्यानाश किया। नमस्कार है नाथूराम गोडसे को, जिन्होंने उन्हें मार दिया। देश का राजा ऐसा होना चाहिए जो कट्टर हिंदूवादी हो। हिंदू लोग वोट देने नहीं जाते, ऐसा न करने पर देश में इस्लाम हावी होगा।' कालीचरण ने इस दौरान इस्लाम व महिलाओं को लेकर भी अपशब्द बोले।

महंत रामसुंदर दास ने किया विरोध

दूधाधारी मठ के महंत व गोसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास ने कालीचरण के जहरीले बयानों की इसी मंच से निंदा की। उन्होंने इसका खुला विरोध करते हुए इस पूरे आयोजन से ही किनारा कर लिया। जबकि, आयोजकों ने उन्हें कार्यक्रम का मुख्य संरक्षक बनाया था। दास ने कहा कि, 'यह कार्यक्रम अपने उद्देश्य से भटक गया है। आजादी के लिए सबकुछ बलिदान करने वाले महात्मा गांधी को देशद्रोही बताया जा रहा है। मुझे खेद है कि आयोजकों ने इसपर तत्काल आपत्ति नहीं ली। मैं खुद को इस आयोजन से अलग करता हूं।' इतना कहकर दास अपने शिष्यों व अन्य संतों के साथ वहां से निकल गए। 

राष्ट्रपिता को लेकर कालीचरण के बिगड़े बोल ने देशवासियों को आक्रोशित कर दिया है। सोशल मीडिया यूजर्स कालीचरण की तत्काल गिरफ्तारी और देशद्रोह के मामले में एफआईआर करने की मांग कर रहे हैं। इसी बीच जानकारी मिली है कि रायपुर पुलिस ने आइपीसी की धारा 505(2) और 294 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।