MP में LPG संकट गहराया, होटल-रेस्टोरेंट बेहाल, मेस बंद होने से हजारों स्टूडेंट्स प्रभावित
मध्य प्रदेश में भी एलपीजी सिलेंडर की किल्लत होने लगी है। एजेंसियों में बुकिंग नहीं हो रही है। मेस और छोटे होटल्स बंद हो गए हैं। कई बड़े रेस्तरां भी बंद होने के कगार पर हैं।
भोपाल। ईरान और इजराइल-अमेरिका युद्ध की वजह से देशभर में एलपीजी गैस की किल्लत बढ़ने लगी है। आलम ये है कि कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकने के कारण होटल-रेस्टोरेंट बंद होने लगे हैं। वहीं, घरेलू सिलेंडर के लिए भी एजेंसियों के बाहर कतारें लगी हुई है। मध्य प्रदेश में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई तीन दिन ठप है। जबकि घरेलू सिलेंडर की वेटिंग भी 7 से 10 दिन की हो गई है।
मध्य प्रदेश के अधिकांश गैंस एजेंसी के बाहर एजेंसी संचालकों ने पोस्टर लगाकर चस्पा कर रखी है। इनमें लिखा हुआ है कि अगर आपके पास एक सिलेंडर है तो उसे डबल कराएं और वेटिंग की असुविधा से बचें। प्लांट से माल की कमी होने से 10 दिन की वेटिंग चल रही है। 8 दिन पुरानी बुकिंग होने पर ही सिलेंडर दिया जाएगा। इंस्टेंट बुकिंग पर सिलेंडर नहीं दिया जाएगा।
इंदौर के खानपान कारोबारियों का कहना है कि अगर जल्दी सप्लाई शुरू नहीं हुई तो अधिकांश चाय-पोहे की छोटी दुकानों से लेकर रेस्टारेंट तक एक-दो दिन में बंद हो जाएंगे। दूसरी ओर मार्च में शादियों का सीजन शुरू होने से मैरिज गार्डन और होटलों में करीब 1000 से 1200 शादियां तय हैं, जिन पर भी इसका असर पड़ सकता है। इंदौर के कैटरर नीरकांत समदानी के मुताबिक अभी सबसे बड़ी चिंता आने वाले आयोजनों की है। उन्होंने कहा, 2500 लोगों के आयोजन में करीब 40 सिलेंडर लगते हैं। स्टॉल कम करने पर भी 14-15 सिलेंडर चाहिए। ऐसे में अचानक सप्लाई रुकने से आयोजन करना मुश्किल हो जाएगा।
भोपाल में भी कमोबेश यही हालात हैं। राजधानी के अधिकांश मेस या तो बंद हो गए या सिर्फ एक समय ही भोजन सप्लाई कर रहे हैं। इसका असर बाहरी स्टूडेंट्स पर पड़ रहा है। राजधानी में पढ़ने वाले हजारों स्टूडेंट्स के समक्ष खाद्य संकट उत्पन्न हो गया है। कई छोटे ढाबे और स्ट्रीट फूड्स के काउंटर्स भी बंद हो चुके हैं।
भोपाल होटल एसोसिएशन के तेजकुल पाल सिंह पाली का कहना है कि राजधानी में ही डेढ़ हजार से ज्यादा होटल और रेस्टॉरेंट हैं। जहां हर रोज 2 से ढाई हजार सिलेंडर उपयोग होते हैं। जिन होटल या रेस्टॉरेंट में स्टॉक है, वहां 48 घंटे ही तैसे-जैसे निकल पाएंगे। इसके बाद होटल और रेस्टॉरेंट बंद हो जाएंगे। सरकार से मांग की है कि होटल, रेस्टॉरेंट और रेहड़ी वालों को कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति की जाए, लेकिन सरकार ने सिर्फ इमरजेंसी सेवा के लिए गैस देने की बात कही है।
भोपाल और इंदौर मेट्रो को कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल सकेंगे। दोनों ही शहरों में मेट्रो का काम चल रहा है, जिसमें वेल्डिंग के लिए एलपीजी का उपयोग होता है। इसके अलावा भोपाल में 3 हजार आभूषण कारीगर हैं। इन्हें महीने में 9000 हजार सिलेंडर की जरूरत होती है। ज्वेलरी वर्कर्स को भी एलपीजी की सप्लाई नहीं हो रही है। उधर, एलपीजी संकट मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक है। घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य है। हालांकि, वास्तविक हालात इसके उलट हैं।




