तमिल फिल्म ‘पेबल्स’ ने रोटरडैम इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में जीता बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड

तमिल फिल्म कोझंगल याने पेबल्स को सर्वश्रेष्ठ फिल्म के तौर पर 40,000 यूरो का इनाम मिला, फिल्म के निर्देशक विनोद राज पीएस और प्रोड्यूसर नयनतारा एवं विगनेश सिवान हैं

Updated: Feb 08, 2021, 03:33 PM IST

तमिल फिल्म ‘पेबल्स’ ने रोटरडैम इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में जीता बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड
Photo Courtesy: twitter

पचासवें रोटरडैम इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में तमिल फिल्म कोझंगल याने “पेबल्स” ने बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड हासिल किया है। फिल्म को ‘टाइगर’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। फिल्म को विनोदराज पीएस ने डायरेक्ट किया है, फिल्म के को-प्रोड्यूसर नयनतारा और विगनेश सिवान हैं। फिल्म को इनाम के तौर पर 40,000 यूरो कैश राशि मिली है, जोकि फिल्म के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर को बांटी जानी है।

अवार्ड जीतने पर फिल्म के डायरेक्टर विनोदराज ने खुशी जताई है। फिल्म को लेकर रोटरडैम फिल्म महोत्सव की ओर से ट्वीट किया गया है, जिसमें लिखा है कि  ‘iffr’ का सबसे प्रतिष्ठित टाइगर अवार्ड विनोदराज पी एस की फिल्म पेबल्स को दिया जाता है।

तमिल में कोझंगल जिसे हिन्दी में कंकड और अंग्रेजी में पेबल्स कहा जाता है। यह फिल्म एक शराबी पति और उसकी पत्नी की कहानी है, जिसमें शराबी पति से तंग आकर उसकी पत्नी घर छोड़कर भाग जाती है। पति अपनी पत्नी को खोजने के लिए अपने बेटे के साथ जाता है। पेबल्स एक ग्रामीण परिवेश का नाटक है, फिल्म का ट्रेलर इमोशनल ड्रामे से भरपूर है।

ट्रेलर में एक बच्चा कड़ी धूप में नंगे पैर खड़ा दिखाई देता है। तभी उसका शराबी पिता आता है और मासूम की जमकर धुनाई करता है। साथ ही तंज कसता है कि यह सब उसकी भगोड़ी मां ने सिखाया होगा।

फिल्म में कई नाटकीय मोड़ आते हैं जिसके बाद बाप-बेटे साथ में महिला की खोज करने जाते हैं, और वापस लाने की कोशिश करते हैं।