आतंक के साए में अफगानिस्तान, पूर्व उपराष्ट्रपति राशिद दोस्तम के बेटे तालिबान की घेराबंदी से निकले

तालिबानी अपने कब्जे वाले इलाकों में लड़कियों के साथ कर रहे दुराचार, जबरन उठाकर शादी कर ले रहे हैं आतंकी, दिग्गज नेता दोस्तम के बेटे समेत कई सैनिकों को बंधक बनाने की आई थी खबर, भीषण लड़ाई के बाद सुरक्षित निकले यार मोहम्मद

Updated: Aug 12, 2021, 05:23 PM IST

आतंक के साए में अफगानिस्तान, पूर्व उपराष्ट्रपति राशिद दोस्तम के बेटे तालिबान की घेराबंदी से निकले
Photo Courtesy : WSJ

काबुल। अफगानिस्तान से तालिबानी आतंकियों के क्रूरता की कहानियों ने लोगों को झकझोर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबानी लड़ाके युवतियों को घरों से जबरन उठाकर ले जा रहे हैं। वे मन मुताबिक लड़कियों को उठाकर शादी तक कर ले रहे हैं। इसी बीच अब खबर आई थी कि तालिबान ने अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति राशिद दोस्तम के बेटे को अगवा कर लिया है। हालांकि, अब जानकारी मिली है कि भीषण लड़ाई के बाद यार मोहम्मद तालिबानी घेराबंदी से सुरक्षित निकलने में कामयाब हो गए हैं। 

स्तान सरकार ने इस बारे में अबतक कोई आधिकारिक रूप से बयान जारी नहीं किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राशिद दोस्तम के बेटे को जवज्जान एयरपोर्ट पर घेर लिया गया था।। देश के इतने बड़े नेता के बेटे को तालिबान द्वारा घेरे जाने की खबर अफगानिस्तान सरकार के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। यार मोहम्मद पूरी तरह से सुरक्षित हैं और मजार-ए-शरीफ में पिता से उनकी मुलाकात भी हुई है।

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अफगानिस्तान के वॉर लार्ड कहे जाने वाले दोस्तम ने कल ही तालिबान की समस्या को लेकर प्रेसिडेंट अशरफ गनी से मुलाकात की थी। माना जाता है कि 9/11 हमले के बाद अमेरिका की मदद से अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार गिराने में दोस्तम ने अहम भूमिका निभाई थी। साल 2014 से लेकर 2020 तक वे अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति रहे थे। उपराष्ट्रपति रहते हुए उनके खिलाफ हजारों तालिबानी लड़ाकों की हत्या करने के आरोप भी लगे। अफगानिस्तान के उत्तरी इलाकों में तालिबान की बढ़ती पैठ को देखते हुए वे हाल ही में देश लौटे हैं। 

22 वर्षीय महिला पत्रकार ने बताई आपबीती

तालिबानी आतंकी कितने क्रूर हैं, इस बात का अंदाजा आप अफगानिस्तान के एक 22 वर्षीय महिला पत्रकार की आपबीती से लगा सकते हैं। द गार्जियन से एक महिला पत्रकार ने बताया कि, 'आतंकियों ने शहर पर कब्जा कर लिया है। अफगानी लड़कियों की शादी अपने आतंकियों से करा रहे हैं। मैं भी सुरक्षित नहीं हूं। मुझे घर छोड़कर भागना पड़ा है। मैं सुरक्षित जगह की तलाश में हूं। पिछले हफ्ते तक मैं रिपोर्टर थी, लेकिन कुछ ही दिन में मेरा पूरा जीवन बर्बाद हो गया। मैं डरी हुई हूं। नहीं जानती घर लौटूंगी या नहीं। माता-पिता को फिर देख सकूंगी या नहीं।'

भारत के चॉपर पर भी कब्जा

तालिबानी आतंकियों ने अफगानिस्तान में एक भारतीय चॉपर को भी हड़प लिया है। दरअसल, भारत सरकार ने साल 2019 में अफगानिस्तान सरकार को 4 MI-24 लड़ाकू हेलीकॉप्टर गिफ्ट किया था। इनमें से एक हेलीकॉप्टर कुंदुज एयरपोर्ट पर मौजूद था। बुधवार को एयरपोर्ट पर अटैक कर आतंकियों ने इसे कब्जे में ले लिया है। गनीमत ये है कि हेलीकॉप्टर उड़ने और अटैक करने की स्थिति में नहीं है। क्योंकि अफगानिस्तान सेना ने इसके इंजन और कलपुर्जे पहले ही निकाल लिए थे।