रमजान में हज करने के लिए कोरोना संक्रमित होकर ठीक होना अनिवार्य, सऊदी अधिकारियों ने जारी किया दिशानिर्देश

इस बार सभी के आसान नहीं होगा मक्का जाना, सऊदी अधिकारियों ने कहा है कि हज के लिए सिर्फ वे ही आ सकते हैं जिनमें इम्युनिटी डेवलप हो गई है

Publish: Apr 06, 2021, 12:24 PM IST

रमजान में हज करने के लिए कोरोना संक्रमित होकर ठीक होना अनिवार्य, सऊदी अधिकारियों ने जारी किया दिशानिर्देश
Photo Courtesy: Wallpaper Cave

मक्का। इस रमजान मक्का जाकर हज करना सभी मुस्लिम यात्रियों के लिए आसान नहीं होगा। हज के लिए सऊदी सरकार ने खास दिशानिर्देश जारी किया है। यदि आप हज करने के लिए मक्का जाना चाहते हैं तो आपमें इम्युनिटी का होना जरूरी है। मक्का में हज के लिए उन्हीं तीर्थयात्रियों को प्रवेश दिया जाएगा जो या तो कोरोना संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं या फिर उन्होंने वैक्सीन ले लिया है।

सऊदी अरब के हज और उम्रह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 'इम्यूनाइज' की कैटेगरी में आने वाले लोग ही उम्रह करने के लिए और पवित्र शहर मक्का के ग्रैंड मस्जिद में नमाज अता करने के लिए प्रवेश के पात्र होंगे। बताया जा रहा है कि इम्यूनाइज लोगों की तीन कैटेगरी बनाई गई है जिन्हें हज के लिए अनुमति दी जाएगी। पहली कैटेगरी में वे लोग हैं जो कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर ठीक हो चुके हैं, दूसरी कैटेगरी में वैसे लोग हैं जो कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज ले चुके हैं। वहीं तीसरी कैटेगरी में उन लोगों को छूट दी गई है जिन्होंने 14 दिन पहले कोरोना का पहला डोज लिया हो।

हज और उम्रह मंत्रालय ने कहा कि यह दिशा-निर्देश रमजान के महीने से से लागू होंगे, जो इस महीने के अंत में शुरू होने वाले है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह नियम कब तक लागू रहेंगे। बता दें कि उम्रह मक्का के लिए एक इस्लामी तीर्थयात्रा है, जिसे साल में किसी भी समय 'हाजी' बनने के लिए पूरा किया जा सकता है। इस्लाम में इसे सबसे पवित्र यात्रा माना गया है।

बीते साल कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए केवल सऊदी अरब में रहने वाले 10 हजार मुस्लिम लोगों को ही हज में हिस्सा लेने की अनुमति मिली थी। सऊदी अरब में कोरोना की आंकड़ों को देखें तो अबतक वहां 3 लाख 93 हजार मामले सामने आए हैं। वहीं इस संक्रमण से 6 हजार 700 लोगों की मौत हुई है। करीब 3.4 करोड़ आबादी वाले मक्का में 50 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।