भोपाल: बीजेपी के पूर्व विधायक रमेश शर्मा का हार्ट अटैक से निधन, देर रात कार्यक्रम से लौटने के बाद बिगड़ी थी तबियत

भोपाल से बीजेपी के कद्दावर नेता और उत्तर सीट से विधायक रहे रमेश शर्मा (गुट्टू भैया) का निधन हो गया है। बीती रात 2 बजे उनका हार्ट अटैक की वजह से उन्होंने दम तोड़ दिया।

Updated: May 11, 2023, 10:24 AM IST

भोपाल: बीजेपी के पूर्व विधायक रमेश शर्मा का हार्ट अटैक से निधन, देर रात कार्यक्रम से लौटने के बाद बिगड़ी थी तबियत

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और भोपाल से विधायक रहे रमेश शर्मा का बुधवार रात हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह अपने समर्थकों में 'गुट्टू भैया' के नाम से लोकप्रिय थे। बताया जा रहा है कि वह कल देर रात एक शादी समारोह से घर लौटे थे। रात के करीब दो बजे के लगभग उन्‍हें बेचैनी के साथ सीने में दर्द की शिकायत की और और कुछ देर में ही उनका निधन हो गया।

गुट्टू भैया के निधन से सियासी जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। सीएम चौहान ने ट्वीट किया, 'आदरणीय रमेश शर्मा जी "गुट्टू भैया" छात्र राजनीति के जमाने के वरिष्ठ साथी थे; ऐसे सरल, सहृदय, नेक और आत्मीयता से भरे गुट्टू भैया का चले जाना, मेरी व्यक्तिगत क्षति है। आपका जाना भोपाल के सार्वजनिक जीवन में एक सूनापन छोड़ जायेगा। ईश्वर अपने श्रीचरणों में आपको स्थान और परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति दें। ।।ॐ शांति।।'

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीसी शर्मा ने भी गुट्टू शर्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। शर्मा ने ट्वीट किया, 'पूर्व विधायक स्व श्री रमेश चंद्र शर्मा (गुट्टू भैया) के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। मैं उनके निधन पर शोक व्यक्त करता हूँ, बाबा महाकाल दिवंगत आत्मा को शांति एवं शोकाकुल परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति प्रदान करें।'

बता दें कि हाल के दिनों में गुट्टू शर्मा भाजपा से नाराज चल रहे थे। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पार्टी मुख्यालय में 22 अप्रैल को पूर्व विधायकों के साथ एक बैठक की थी। इस दौरान कई नेताओं से वन-टू-वन चर्चा भी हुई। इस बैठक में भाजपा नेता रमेश शर्मा की नाराजगी खुलकर सामने आई थी।

रमेश शर्मा ने कहा था कि ये बहुत अच्छा कदम विधानसभा अध्यक्ष ने उठाया है कि पूर्व विधायकों की समस्याओं पर चर्चा करें। इसे पूर्व विधायकों को भी सम्मान मिलता है। अगर संगठन हमारी नहीं सुनेगा तो फिर क्या फायदा होगा? जब चुनाव आते हैं, तभी पार्टी को हमारी याद आती है। कलयुग में बिना काम के बाप भी बेटे को नहीं पूछता है। उन्होंने कहा था कि हम पार्टी से कुछ नहीं चाहते बस सम्मान चाहते हैं।