मध्य प्रदेश में एक हज़ार पदों पर प्रोफेसरों की नियुक्ति जल्द

उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने कहा, गली-गली में खुलने वाले कॉलेजों पर लगेगी रोक, दिवाली के बाद छात्रों को एडमिशन का एक और मौका दिया जाएगा

Updated: Nov 12, 2020, 04:27 PM IST

मध्य प्रदेश में एक हज़ार पदों पर प्रोफेसरों की नियुक्ति जल्द
Photo Courtesy : The Hindu

भोपाल। मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य में एक हज़ार पदों पर प्रोफेसरों की नियुक्तियां जल्द करने की घोषणा की है। इसके साथ ही उच्च शिक्षा विभाग द्वारा खाली पड़े पदों को प्रमोशन के ज़रिए भरा जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने राजधानी में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर यह जानकरी दी है। मोहन यादव ने कहा कि वे राज्य में शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए भी काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी छात्रों के लिए एडमिशन के साथ ही साथ प्रोफेशनल एजुकेशन मुहैया कराने पर भी ज़ोर दिया जाएगा।

मोहन यादव ने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही 517 कॉलेजों में से 200 कॉलेजों को सर्व सुविधायुक्त करने जा रही है। इससे छात्रों को सभी तरह की सुविधाएं एक ही कॉलेज में मिलने लगेंगी। मोहन यादव ने कहा कि इन कॉलेजों को आदर्श कॉलेज बनाया जाएगा। इसके अलावा उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि कॉलेजों के प्रभारी प्राचार्य को पढ़ाई की जिम्मेदारी से मुक्त कर कॉलेज में अतिथि विद्वान को रखने पर विचार किया जा रहा है। एक महाविद्यालय में तीन प्राचार्य की ट्रेनिंग होगी।

मोहन यादव ने बताया कि राज्य में गली गली खुलने वाले कॉलेजों पर नकेल कसने की तैयारी चल रही है। इसका मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाना और छात्रों को सुविधाएं मुहैया कराना है। इसके साथ ही प्रदेश  के समस्त विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में हेल्प डेस्क का गठन किया जाएगा। कॉलेजों मं रोजगार प्रशिक्षण और वोकल फॉर लोकल के लिए काउंसलिंग समेत अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कैबिनेट के निर्णय के आधार पर उच्च शिक्षा विभाग में रिक्त पदों के आधार पर 5% भर्ती की कार्यवाही पूरी की जाएगी। शिक्षा विभाग शिक्षक अभिभावक योजना के माध्यम से प्रत्येक शिक्षक द्वारा अपने आवंटित विद्यार्थियों से नियमित संवाद करेंगे। 

उच्च शिक्षा मंत्री ने ये भी बताया कि दिवाली के बाद छात्रों को एडमिशन का एक और मौका दिया जाएगा। अभी तक एडमिशन के 5 चरण पूर्ण किए जा चुके हैं। एक चरण दीपाली के बाद और करेंगे, ताकि बचे हुए बच्चों को भी एडमिशन मिल जाए। कॉलेजों में परीक्षा के आयोजन पर उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना के चलते परीक्षा का विकल्प निकाला जाएगा, ताकि बच्चों का नुकसान न हो, इसके लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।