RTI एक्टिविस्ट रंजीत सोनी हत्याकांड में है BJP नेताओं की मिलीभगत, कांग्रेस का बड़ा आरोप

पुलिस ने हत्या में शामिल ठेकेदार सहित चार आरोपियों को किया गिरफ्तार, गुरूवार 2 मई को विदिशा पीडब्ल्यूडी कार्यालय के बाहर रंजीत सोनी की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी

Updated: Jun 03, 2022, 08:25 PM IST

RTI एक्टिविस्ट रंजीत सोनी हत्याकांड में है BJP नेताओं की मिलीभगत, कांग्रेस का बड़ा आरोप
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विदिशा। RTI एक्टिविस्ट रंजीत सोनी की हत्या मामले में कांग्रेस ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि रंजीत की हत्या भाजपा नेता और ठेकेदारों की मिलीभगत से हुई है। कांग्रेस विधायक शशांक भार्गव ने विदिशा एसपी कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक डॉ मोनिका शुक्ला को ज्ञापन सौंपा है। भार्गव ने हत्या के पीछे भाजपा नेता, अधिकारी कर्मचारियों के साथ ठेकेदारों की संलिप्तता का दावा करते हुए कहा है कि भाड़े के शूटर्स बुलाकर ये हत्या करवाई गयी है।

इस घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया है कि, 'यह अत्याधिक गंभीर घटना है। मप्र में इस प्रकार की घटना नहीं हो रही थी। ज़रूर श्री सोनी ने किसी बहुत ही बड़े घोटाले के बारे में RTI लगाई होगी। ठेकेदार, नेताओं और भ्रष्ट शासकीय कर्मियों द्वारा अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को उनके संरक्षण की वजह से ही अपराधियों के हौसले बुलंद हैं... उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज चौहान के गृह क्षेत्र में हो रही ऐसी घटना में यह भी पता लगाने की भी गुज़ारिश की है कि रंजीत सोनी की जान को खतरा कब से था और क्या कभी उन्होंने या उनके परिजनों ने थाने में ऐसी कोई शिकायत दर्ज कराई थी?

विदिशा पुलिस ने हत्या में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक इनमें हत्या की सुपारी देने वाले ठेकेदार एस कुमार चौबे, जसवंत रघुवंशी, नरेश शर्मा एवं हत्यारे अंकित यादव उर्फ टुंडा शामिल है। पुलिस ने हत्यारोपी अंकित यादव को ग्राम जुनियापुल, सिलवानी, रायसेन से हथियार माउजर, पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस सहित गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हत्या की वजह पैसे के लेनदेन और पुरानी रंजिश बताई है।

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पुलिस ने बताया कि रंजित सोनी पूर्व में ठेकेदारी करता था। रंजित सोनी एवं ठेकेदार एस कुमार चौबे, जसवंत रघुवंशी, नरेश शर्मा के बीच पूर्व से ठेकेदारी एवं पैसों के लेन देन को लेकर रंजिश चल रही थी। रंजीत सोनी ने आरोपियों को ठेकेदारी में बड़ा नुकसान पहुंचाया था। गौरतलब है कि 2 मई को विदिशा पीडब्ल्यूडी कार्यालय के बाहर आरटीआई कार्यकर्ता रंजीत सोनी की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।