अत्याचार तो बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे, उठाओ बंदूक, प्रीतम लोधी समर्थकों ने लहराई बंदूकें

दशहरा मिलन समारोह में उमा भारती के करीबी रिश्तेदार प्रीतम लोधी मंच से संबोधित कर रहे थे, जबकि नीचे उनके सैंकड़ों समर्थन बंदूक लेकर खड़े थे।

Updated: Oct 13, 2022, 11:28 AM IST

अत्याचार तो बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे, उठाओ बंदूक, प्रीतम लोधी समर्थकों ने लहराई बंदूकें

ग्वालियर। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के करीबी रिश्तेदार और BJP से निष्कासित नेता प्रीतम लोधी की सक्रियता बढ़ती जा रही है। हाल ही में ग्वालियर में लोधी ने दशहरा मिलन समारोह का आयोजन किया था। इस दौरान उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि हम अत्याचार बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेंगे, बंदूक उठा लो।

हैरानी की बात ये है कि प्रीतम लोधी जब मंच से यह बोल रहे थे तब नीचे उनके सैंकड़ों समर्थन बंदूकें लहरा रहे थे। इस कार्यक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में प्रीतम को यह कहते सुना जा सकता है कि घबराओ नहीं, शान से बंदूक उठाओ, एक भी लाइसेंस सस्पेंड नहीं होने दूंगा। न अत्याचार करेंगे, न देखेंगे और सहन तो बिल्कुल भी नहीं करेंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक  दशहरा मिलन कार्यक्रम बुधवार को ग्वालियर के जलालपुरा में तलवार वाले हनुमान मंदिर परिसर में हुआ था। इसमें काफी संख्या में प्रीतम लोधी के समर्थक पहुंचे थे। प्रीतम मंच पर थे और नीचे मैदान में उनके समर्थक हाथों में बंदूकें और तलवार लेकर खड़े थे। 

बता दें कि बीते 17 अगस्त को शिवपुरी में प्रीतम लोधी ने मंच से ब्राह्मणों के खिलाफ टिप्पणी करते हुए कहा था, 'पंडित आपको नवरात्रि के नौ दिन पागल बनाते हैं।महिलाएं इनकी बातों में आ जाती हैं और दूध, घी, दही अपने बच्चों को खिलाने की बजाय इन्हें दे देती हैं। ब्राह्मण नौ दिन तक आपको उल्लू बनाने के आपसे 25 से 50 हजार रुपए भी लेता है। इतना ही नहीं ये लोग सुंदर महिलाओं के घर चयन करते हैं। उनके घर जाकर कहते हैं, महाराज आज शाम का भोजन आपके यहीं करेंगे। लेकिन इनकी नजर कहीं और ही होती है।'

लोधी ने आगे कहा था कि, 'कथा के दौरान यह कहते हैं कि 20 से 30 साल की महिलाएं आगे बैठ जाओ। 30 से 45 साल की महिलाएं बीच में और बुजुर्ग महिलाएं पीछे बैठ जाओ। इसके बाद यह गाने गा-गाकर उन्हें नचवाते हैं और खुद ऊपर बैठे आनंद लेते हैं।' लोधी के इस बयान पर ब्राह्मण संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। आखिर में बीजेपी के उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया। हालांकि, सस्पेंड होने के बाद वे और अधिक सक्रिय हो गए हैं।