अमित शाह ने फिर छेड़ा तुष्टिकरण का राग, ममता का करारा पलटवार

TMC Attacks Shah: तृणमूल कांग्रेस का आरोप, अमित शाह ने भगवान बिरसा मुंडा का किया अपमान, दूसरी प्रतिमा का माल्यार्पण करके चरणों में रखी बिरसा मुंडा की तस्वीर

Updated: Nov 06, 2020, 09:09 PM IST

अमित शाह ने फिर छेड़ा तुष्टिकरण का राग, ममता का करारा पलटवार

कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी नेता अमित शाह ने अपने पश्चिम बंगाल दौरे के दूसरे दिन तुष्टिकरण का पुराना राग फिर छेड़ दिया। अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल कभी चेतना का केंद्र था, लेकिन अब यहां तुष्टिकरण अपने चरम पर है। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की वजह से पश्चिम बंगाल की परंपरा को काफी आघात पहुंचा है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि राज्य के लोगों को अब अपनी पुरानी धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना को पाने के लिए ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल करके  प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को चुनना चाहिए।

अमित शाह के इस हमले पर ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने ज़बरदस्त पलटवार किया है। TMC ने कहा कि अमित शाह को पश्चिम बंगाल की संस्कृति और परंपरा का कोई ज्ञान नहीं है। इसीलिए उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा का अपमान कर दिया। तृणमूल कांग्रेस ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिये अमित शाह पर हमला करते हुए लिखा है, "बाहर से आए व्यक्ति ने एक बार फिर ऐसा किया!  केंद्रीय गृह मंत्री ने बंगाल की संस्कृति का ज़रा भी  ज्ञान होने की वजह से भगवान बिरसा मुंडा का अपमान कर दिया। उन्होंने एक गलत प्रतिमा पर फूल मालाएं च़ढ़ा दीं और उनकी फोटो किसी और के चरणों में रख दी। क्या वो कभी भी बंगाल का सम्मान करेंगे? " 

 

 

अमित शाह ने अपने पश्चिम बंगाल दौरे के दूसरे दिन की शुरुआत दक्षिणेश्वर से की। इसके बाद उन्होंने राज्य के आदिवासी मतुआ समुदाय से ताल्लुक रखने वाले एक कार्यकर्ता के यहां भोजन किया। राजनीतिक विश्लेषक इसे अमित शाह की रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं। दरअसल पश्चिम बंगाल में मतुआ समुदाय के लगभग 72 लाख लोग हैं और आठ से 10 विधानसभा सीटों पर उनका प्रभाव है। 

लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने अमित शाह की इस आदिवासी तुष्टिकरण की नीति पर भी करारा हमला किया है। पार्टी के सांसद अभिषेक बनर्जी ने अमित शाह की भोजन की सियासत को आईना दिखाने का दावा करते हुए लिखा, "असलियत तो कुछ और ही है। अमिश शाह जी ने दिखावे के लिए भोजन करके आदिवासी समुदाय और उस परिवार का इस्तेमाल राजनीतिक औजार की तरह किया, लेकिन उन्हें इतनी भी परवाह नहीं थी कि उनसे एक पल के लिए बात भी कर लेते। श्रीमान गृह मंत्री महोदय, क्या आप यहां केवल तस्वीरें खिंचवाने के लिए ही आए थे? "

 

 

अभिषेक बनर्जी ने आगे लिखा है, "सिर्फ एक साल में बीजेपी शासित यूपी में आदिवासियों पर अत्याचार कई गुना बढ़ गए। हाथरस में एक दलित लड़की से दरिंदगी की वारदात अब तक सबके मन को दुखी कर रही है। ऐसे में अमित शाह जी आप तुष्टिकरण के लिए भोजन करने की जगह आप उन मुद्दों पर बात क्यों नहीं करते जो उस समुदाय के लोगों के लिए वाकई मायने रखते हैं।"