MP: नागदा को गांव कहने पर अमिताभ बच्चन के खिलाफ केस दर्ज, KBC में बताया था छोटा और प्यासा गांव

महानायक अमिताभ बच्चन और केबीसी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उज्जैन के नागदा को छोटा, प्यासा गांव बताने पर कोर्ट ने संज्ञान लिया है। अधिवक्ता लक्ष्मण सुंदरा की शिकायत पर सोनी टीवी और बिग बी के खिलाफ जांच शुरू हुई।

Updated: Feb 21, 2026, 05:51 PM IST

उज्जैन। उज्जैन जिले के नागदा को लेकर टीवी के लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति में की गई टिप्पणी अब कानूनी विवाद में बदल गई है। 23 दिसंबर 2025 को सोनी चैनल पर प्रसारित एपिसोड में शो के होस्ट और सदी के महानायक अमिताभ बच्चन द्वारा नागदा को पानी की समस्या से जूझता छोटा सा गांव बताए जाने पर स्थानीय स्तर पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई है। इस कथित बयान को लेकर नागदा के न्यायालय में शिकायत की गई है और अदालत ने मामले को स्वीकार करते हुए आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

नागदा के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) न्यायालय ने परिवाद को संज्ञान में लेते हुए प्रकरण को सीआईएस (Case Information System) में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित थाने से इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 9 अप्रैल निर्धारित की है। गौरतलब है कि किसी भी सिविल या आपराधिक मामले को अदालत में दाखिल किए जाने के बाद उसे सीआईएस में पंजीकृत किया जाता है। जिसके बाद न्यायालय द्वारा याचिका को स्वीकार कर विधिक प्रक्रिया शुरु मानी जाती है।

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यह शिकायत 18 फरवरी को नागदा निवासी अधिवक्ता लक्ष्मण सुंदरा द्वारा दायर किया गया। उन्होंने अभिनेता अमिताभ बच्चन के साथ-साथ सोनी पिक्चर्स के सीईओ गौरव बैनर्जी को भी पक्षकार बनाते हुए उनके खिलाफ अपराध रजिस्टर करने की मांग की है। प्रकरण की पैरवी अधिवक्ता राजेश मंडवारिया (आलोट) और दीपमाला अवाना (नागदा) कर रहे हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इतने बड़े राष्ट्रीय मंच पर नागदा के संबंध में भ्रामक और तथ्यहीन जानकारी प्रस्तुत की गई। जिससे शहर की छवि राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावित हुई है। अधिवक्ता जैना श्रीमाल के अनुसार, कार्यक्रम में नागदा को छोटा गांव और पानी संकट से जूझता बताया गया था। जबकि, गांव की वास्तविकता इससे बेहद ही अलग है।

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आवेदन में बताया किया गया है कि नागदा मालवा क्षेत्र का प्रमुख रेलवे जंक्शन है और इसकी आबादी डेढ़ लाख से अधिक है। यह एक विकसित औद्योगिक नगर है जहां अनेक औद्योगिक इकाइयां भी हैं। शहर के समीप बहने वाली चंबल नदी से साल भर जल उपलब्ध रहता है जो उद्योग में काफी सहायक है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तीन बार नागदा को जिला बनाने की घोषणा कर चुके हैं और इस दिशा में प्रक्रिया शुरु होकर वर्तमान में लंबित है। याचिकाकर्ता का दावा है कि कार्यक्रम के प्रसारण के बाद नागदा की पहचान और प्रतिष्ठा पर असर पड़ा है। न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच रिपोर्ट तलब किया है।

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