MP: राजगढ़ का छात्र कोटा से लापता, नहर किनारे मोबाइल और कपड़े मिले

कोटा में नीट की तैयारी कर रहे राजगढ़ के छात्र लोकेश दांगी 17 फरवरी से रहस्यमय ढंग से लापता हैं। रेस्क्यू टीम का सर्च ऑपरेशन तीन दिन से जारी है लेकिन अब तक छात्र का कोई सुराग नहीं मिला।

Updated: Feb 21, 2026, 07:04 PM IST

कोटा। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र के भादाहेड़ी गांव का 23 वर्षीय छात्र लोकेश दांगी राजस्थान के कोटा से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया है। बीते 17 फरवरी को दोपहर 3 बजकर 35 मिनट पर हॉस्टल से निकलने के बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिला है। नहर किनारे उसका मोबाइल, जूते, मोजे, घड़ी और कैप मिलने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया। शनिवार को सर्च ऑपरेशन का तीसरा दिन था और 15 सदस्यीय टीम ने लगातार नहर में तलाश की लेकिन अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी।

लोकेश पिछले पांच सालों से कोटा के नया नोहरा इलाके में एलेन सुपथ के पास स्थित एक हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। डॉक्टर बनने का सपना लेकर वह कोटा गया था। परिवार के मुताबिक, वह पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर और अनुशासित था। रोजाना दो से तीन बार वीडियो कॉल या फोन के जरिए घर से संपर्क में रहता था। उसके अचानक संपर्क से बाहर होने के बाद ही परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई।

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सीसीटीवी फुटेज में 17 फरवरी को दोपहर 3:35 बजे लोकेश गुलाबी शर्ट, लोअर और कैप पहने हॉस्टल से बाहर निकलता दिखाई दिया था। शाम तक फोन बंद मिलने पर परिवार घबरा गया। उसी रात परिजन कोटा पहुंचे और बोरखेड़ा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।

अगले दिन 18 फरवरी को नहर के पास भैंस चरा रहे एक व्यक्ति ने तथैड चौकी पुलिस को सूचना दी कि किसी युवक का सामान काफी देर से किनारे पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस को जूते मिले जिनमें मोजे सलीके से रखे थे। साथ ही घड़ी, कैप और मोबाइल भी बरामद हुआ। चौकी पुलिस ने यह सूचना कैथून थाने को दी। जब बरामद सामान परिजनों को दिखाया गया तो उन्होंने इसकी पहचान की और बताया कि ये लोकेश की है। 

18 फरवरी की शाम को रेस्क्यू टीम बुलाई गई लेकिन अचानक बारिश शुरू होने और अंधेरा हो जाने के कारण सर्च अभियान रोकना पड़ा। 19 फरवरी की सुबह 7 बजे से फिर तलाश शुरू की गई। दो दिनों में नहर के करीब 35 से 40 किलोमीटर क्षेत्र में सर्च किया जा चुका है। शनिवार को भी 15 सदस्यीय टीम ने पानी में उतरकर लगातार खोजबीन की।

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19 फरवरी को भादाहेड़ी और आसपास के गांवों से 40 से अधिक परिजन और रिश्तेदार कोटा पहुंचे थे। हालांकि, एक दिन बाद कुछ लोग वापस लौट गए लेकिन लोकेश के पिता रामबाबू दांगी समेत 15 से अधिक लोग अभी भी नहर किनारे डेरा डाले हुए हैं। रामबाबू दांगी गांव में निजी पशु चिकित्सक हैं और लोकेश उनका इकलौता बेटा है। उसकी एक छोटी बहन भी है। बेटे की तलाश में पिता की निगाहें हर गुजरते पल नहर की ओर टिकी रहती हैं। गांव में मौजूद उसकी मां की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। बेटे की चिंता में वह बार-बार बेसुध हो जाती हैं। घर और गांव दोनों जगह बेचैनी का माहौल है।

परिवार ने बताया कि लोकेश की सगाई हो चुकी थी और पढ़ाई पूरी होने के बाद शादी की तैयारी चल रही थी। लापता होने से पहले उसकी आखिरी बातचीत अपनी मंगेतर से मैसेज पर हुई थी। पुलिस का कहना है कि हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और रेस्क्यू अभियान जारी रहेगा।

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