विमान में पेट्रोल के डिब्बे रखे गए थे, प्लेन क्रैश बड़ी साजिश थी, अजित पवार के भतीजे का सनसनीखेज दावा
रोहित पवार ने कहा कि अगर साजिश की बात करें तो यह दो तरह की हो सकती है, राजनीतिक या व्यावसायिक। अभी यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस मामले में किस तरह की साजिश शामिल है।
मुंबई। NCP नेता अजीत पवार की प्लेन क्रैश में हुई मौत के बाद तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच अब उनके परिवार के लोगों ने इस हादसे में साजिश की आशंका जताई है। अजीत पवार के भतीजे रोहित पवार ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि प्लेन क्रैश एक बड़ी साजिश थी। विमान में पेट्रोल के डिब्बे रखे गए थे ताकि आग जल्दी पकड़े।
एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार, DGCA और VSR एयरलाइंस के खिलाफ गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि दुर्घटना की जांच 'जानबूझकर धीमी की जा रही है' और कई शक्तिशाली लोग VSR कंपनी को बचा रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस शरद पवार के निवास पर हुई, जहां रोहित पवार ने कहा कि इस मामले में दो तरह की साज़िश (राजनीतिक और व्यावसायिक) होने की आशंका है।
रोहित पवार ने कहा कि यदि अजित पवार के साथ न्याय होना है, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ही कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि वे इस मामले में प्रधानमंत्री को एक पत्र भी लिख रहे हैं। उन्होंने कहा, 'अजित दादा के रिश्ते प्रधानमंत्री और अमित शाह से बहुत अच्छे थे। महाराष्ट्र के लोगों की मांग है कि वे खुद इस जांच को अपने हाथ में लें।'
रोहित पवार ने नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि मंत्री ने पहले ही दिन VSR को सुरक्षा को लेकर एक तरह की क्लीन चिट दे दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि TDP नेतृत्व की फैमिली से जुड़ी एक कंपनी ने VSR को पैसा दिया था, इसलिए VSR को बचाने की कोशिश हो रही है। रोहित पवार का कहना है कि जब TDP का कोई नेता नागरिक उड्डयन मंत्री है, तो ऐसी जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित पवार ने VSR एयरलाइंस पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि VSR किसी नियम का पालन नहीं कर रहा था। कंपनी को किसी का डर नहीं है, क्योंकि उसके पीछे बहुत शक्तिशाली लोग हैं। कंपनी अपना व्यापार दुबई और अमेरिका शिफ्ट करने की तैयारी में है। VSR की फ्लाइटें आज भी चल रही हैं।
रोहित पवार ने DGCA की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा, 'क्या डीजीसीए VSR को बचा रहा है? DGCA में श्वेता सिंह कौन हैं? पायलट को क्यों बदला गया, समय भी बदला, प्लेन में आवश्यकता से अधिक ईंधन क्यों भरा गया? उन्होंने दावा किया कि जैसे ही उन्होंने ये सवाल उठाने शुरू किए, ट्रोलर उनके खिलाफ एक्टिव हो गए हैं। मेरी जान को खतरा है, लेकिन मुझे डर नहीं। किसी न किसी को तो ये मामला उठाना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन प्राथमिक रिपोर्ट तक सामने नहीं आई है। उनका आरोप था कि जानबूझकर जांच टालने की कोशिश की जा रही है।




