Bihar Election 2020: शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा पटना की बांकीपुर सीट से मैदान में

Bankipur Assembly Election: बीजेपी के नितिन नवीन से होगा मुकाबला, क्या कहते हैं सियासी समीकरण 

Updated: Oct-15, 2020, 10:28 PM IST

Bihar Election 2020: शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा पटना की बांकीपुर सीट से मैदान में

पटना। बिहारी बाबू शत्रुघन सिन्हा ने इस बार अपने बेटे लव सिन्हा को बिहार विधान सभा चुनाव में उतार दिया है।  लव सिन्हा राजधानी पटना की बांकीपुर सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। उनका मुकाबला बीजेपी के पिछले तीन बार के विधायक नितिन नवीन से होगा। प्लूरल्स के नाम से नई पार्टी बनाने वाली पुष्पम प्रिया भी इसी सीट से चुनाव मैदान में हैं।

पिता की विरासत 

पटना साहिब लोकसभा सीट से शत्रुघन सिन्हा दो बार सांसद रह चुके है। दोनों ही बार उन्होंने बीजेपी के टिकट पर  चुनाव जीता था। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी से बगावत कर कांग्रेस से चुनाव लड़ा तो उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। कायस्थ वोटरों की बड़ी संख्या के चलते यह सीट उनके लिए काफी सुरक्षित मानी जाती थी, लेकिन बीजेपी ने 2019 में उनके मुकाबले एक और कायस्थ रविशंकर प्रसाद को टिकट देकर उनका खेल बिगड़ दिया था। बांकीपुर विधानसभा सीट भी पटना साहिब लोकसभा सीट के भीतर ही आती है। इसी के मद्देनजर बिहारी बाबू अपने बेटे को यहां से चुनाव लड़ाकर अपनी विरासत उन्हें सौंपना चाहते हैं।

कायस्थ बहुल सीट लेकिन यादव, मुस्लिम वोट भी अहम

बांकीपुर विधानसभा सीट कायस्थ बहुल है। यहां पिछली तीन बार के विधायक नितिन नवीन भी कायस्थ समाज से ही आते हैं। लेकिन यादव और मुस्लिम वोट भी इस विधानसभा क्षेत्र में अहम हैं। बीजेपी के बागी भी नितिन नवीन की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। जबकि लव सिन्हा को महागठबंधन का हिस्सा होने के कारण कायस्थों के अलावा यादव और मुस्लिम वोटों का समर्थन भी मिल सकता है।

इस सीट पर तीसरा दिलचस्प नाम खुद को बिहार की भावी मुख्यमंत्री कहने वाली पुष्पम प्रिया चौधरी का है, जो युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही हैं। चुनाव प्रचार के दौरान वे अपना धर्म बिहारी बताकर सभी समुदायों में अपनी अपील बढ़ाना चाहती हैं।

बागियों ने बढ़ाई बीजेपी की मुश्किल 

क्षेत्र की तेज तर्रार मानी जाने वाली सुषमा साहू ने बीजेपी से बगावत कर दी हैं। सुषमा साहू बिहार प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। इसके अलावा नरेंद्र मोदी सरकार के समय इन्हे राष्ट्रीय महिला अयोग का सदस्य भी बनाया गया था। लेकिन बीतें दिनों बीजेपी से टिकट न मिलने के कारण इन्होने बीजेपी से बगावत करते हुए। सुषमा साहू ने बांकीपुर विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इनके नामांकन से बीजेपी के वोट बटने का खतरा बढ़ गया है।