कदम कदम बढ़ाए जा, कांग्रेस के गीत गए जा, राहुल गांधी से मुलाकात के बाद हरीश रावत की नाराजगी दूर

दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद हरीश रावत के चेहरे पर दिखी खुशी, बोले- उत्तराखंड चुनाव कैंपेन में मैं करूंगा पार्टी का नेतृत्व, CLP बैठक के बाद तय होगा सीएम का चेहरा

Updated: Dec 24, 2021, 04:40 PM IST

कदम कदम बढ़ाए जा, कांग्रेस के गीत गए जा, राहुल गांधी से मुलाकात के बाद हरीश रावत की नाराजगी दूर

नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल लाने वाले दिग्गज कांग्रेस नेता हरीश रावत ने शुक्रवार को राहुल गांधी से मुलाकात की। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद रावत की न सिर्फ नाराजगी दूर हुई बल्कि उनके चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती थी। राहुल से मिलकर आए रावत के सुर भी ऐसे बदले की दो दिन पहले 'अब बस हुआ' कहने वाले रावत ने इस बार कहा, ‘कदम कदम बढ़ाए जा कांग्रेस के गीत गाए जा।'

बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व ने रावत को आश्वस्त कराया है कि वे ही उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का चेहरा हैं और उन्‍हें हाईकमान का पूरा सहयोग मिलेगा। बैठक के बाद हरीश रावत ने मीडिया से कहा कि, 'कैंपेन कमेटी के चेयरमैन के रूप विधानसभा चुनाव का मैं ही नेतृत्व करूंगा।' उन्होंने एक पंक्तियां गाते हुए कहा, 'कदम कदम बढ़ाए जा कांग्रेस के गीत गाए जा। जिंदगी है उत्तराखंड के वास्ते, उत्तराखंडियत पे लुटाए जा।'

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पत्रकारों ने इस दौरान हरीश रावत से जब पूछा कि क्या वे ही आगामी चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे। इसपर उन्होंने कहा कि, 'कांग्रेस प्रेसिडेंट के पास हमेशा ये विशेषाधिकार रहा है। चुनाव के बाद CLP की बैठक होती है। निर्वाचित सदस्य सदन के नेता को लेकर अपना राय व्यक्त करते हैं। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष नेता तय करती हैं।'

बता दें कि बुधवार को ही रावत ने सोशल मीडिया पर पार्टी के खिलाफ भड़ास निकालते हुए कांग्रेस छोड़ने का संकेत दिया था। उन्होंने ट्वीटर पर लिखा था कि, 'चुनाव रूपी समुद्र है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, सहयोग के लिए संगठन का ढांचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुंह फेर करके खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है। जिस समुद्र में तैरना है, सत्ता ने वहां कई मगरमच्छ छोड़ रखे हैं। जिनके आदेश पर तैरना है, उनके नुमाइंदे मेरे हाथ-पांव बांध रहे हैं। मन में बहुत बार विचार आ रहा है कि हरीश रावत अब बहुत हो गया, बहुत तैर लिये, अब विश्राम का समय हैं।'

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रावत के इस ट्वीट के बाद उत्तराखंड की सियासत गरमा गई थी। यहां तक दावे किए गए कि 5 जनवरी को वे अलग रास्ता अख्तियार करने संबंधी ऐलान कर सकते हैं। हालांकि, शीर्ष नेतृत्व के हस्तक्षेप के अगले ही दिन उन्होंने 'ऑल इज वेल' कहा था। शुक्रवार को राहुल गांधी से मुलाकात के बाद वे एक बार फिर से जोश में आ गए हैं।