उद्धव को मिला ममता का साथ, रेडिशन ब्लू के बाहर TMC कार्यकर्ताओं का हंगामा, अंदर ठहरे हैं बागी MLAs

गुवाहाटी के जिस होटल में शिवसेना के बागी विधायक ठहरे हैं वहां तृणमूल कांग्रेस के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा, वापस जाओ के लगाए नारे, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Updated: Jun 23, 2022, 12:16 PM IST

उद्धव को मिला ममता का साथ, रेडिशन ब्लू के बाहर TMC कार्यकर्ताओं का हंगामा, अंदर ठहरे हैं बागी MLAs

गुवाहाटी। CM पद और पार्टी दोनों गंवाने की कगार पर खड़े उद्धव ठाकरे को पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी का समर्थन मिला है। गुवाहाटी के जिस होटल में बागी विधायकों को लेकर एकनाथ शिंदे ठहरे हुए हैं, वहां टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। टीएमसी कार्यकर्ता इस दौरान महाराष्ट्र के विधायकों के लिए गो बैक के नारे लगा रहे थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक टीएमसी के सैंकड़ों कार्यकर्ता झंडा लेकर गुरुवार सुबह करीब 11 बजे रेडिशन ब्लू होटल पहुंचे। यहां उन्होंने गेट पर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। टीएमसी कार्यकर्ताओं का कहना था कि जब राज्य प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है, तब सीएम हिमांता बिस्वा सरमा महाराष्ट्र सरकार गिराने में व्यस्त हैं। 

विरोध कर रहे लोग यहां Go back के नारे लगा रहे थे। टीएमसी के एक कार्यकर्ता ने कहा कि, ‘असम में लगभग 20 लाख लोग बाढ़ से पीड़ित हैं। हजारों लोगों का घर डूब गया है। लेकिन सीएम हिमांता बिस्वा सरमा महाराष्ट्र सरकार को गिराने में व्यस्त हैं।' बहरहाल पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए अधिकांश टीएमसी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार में ले लिया है। उन्हें बस में बिठाकर कहीं दूर भेजा जा रहा है, ताकि दुबारा इस तरह की स्थिति निर्मित नहीं हो सके। 

बताया जा रहा है कि पुलिस को विरोध प्रदर्शन की पहले से आशंका थी, इसीलिए यहां आंसू गैस और वॉटर कैनन का इंतजाम कर लिया गया था, साथ ही अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। बुधवार शाम यह भी खबर आई थी की गुवाहाटी में विरोध प्रदर्शन और सेंधमारी की संभावनाओं को देखते हुए सभी विधायकों को इंफाल भेजने की तैयारी है। हालांकि, माहौल शांत होने के कारण उन्हें नहीं भेजा गया। 

दिलचस्प, बात ये है कि महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ कांग्रेस पार्टी गठबंधन में है। लेकिन सूरत से लेकर गुवाहाटी तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहीं होटल के बाहर प्रदर्शन नहीं किया। जबकि दोनों राज्यों में कांग्रेस की इकाई है। जानकार बताते हैं कि असम में नेताओं के पाला बदलने के बाद कांग्रेस बीते कुछ वर्षों में बेहद कमजोर हुई है। स्वयं सीएम बिस्वा सरमा कांग्रेस से बीजेपी में आए हैं। राज्य में टीएमसी के जितने भी बड़े नेता हैं वो कांग्रेस से ही टीएमसी में गए हैं। हालांकि, इसके बावजूद कांग्रेस के पास इतने कार्यकर्ता तो गुवाहाटी में हैं ही की व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जा सके।