छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कद्दावर नेता टीएस सिंहदेव ने पंचायत मंत्री पद से दिया इस्तीफा, बने रहेंगे स्वास्थ्य मंत्री

सीएम भूपेश बघेल को संबोधित इस्तीफा पत्र में टीएस सिंहदेव ने कई विषयों को लेकर जताई नाराजगी, उन्हें विश्वास ने लिए बगैर हो रहे फैसलों से नाराज थे बाबा

Updated: Jul 16, 2022, 07:46 PM IST

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कद्दावर नेता टीएस सिंहदेव ने पंचायत मंत्री पद से दिया इस्तीफा, बने रहेंगे स्वास्थ्य मंत्री

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव (बाबा) ने इस्तीफा दे दिया है। सिंहदेव के फैसले से भूपेश बघेल कैबिनेट में हड़कंप मच गया है। हालांकि, उन्होंने सिर्फ पंचायत विभाग से इस्तीफा दिया है। वे स्वास्थ मंत्री बने रहेंगे। सिंहदेव ने सीएम बघेल को संबोधित इस्तीफा पत्र में कई मुद्दों को लेकर नाराजगी जाहिर की है।

इस्तीफा पत्र में बाबा ने लिखा है कि, 'प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् प्रदेश के आवास विहीन लोगों को आवास बनाकर दिया जाना था जिसके लिए मैंने कई बार आपसे चर्चा कर राशि आवंटन का अनुरोध किया था। किन्तु इस योजना में राशि उपलब्ध नहीं की जा सकी फलस्वरूप प्रदेश के लगभग 8 लाख लोगों के लिए आवास नहीं बनाये जा सके। 8 लाख घर बनाने में से करीब 10 हजार करोड़ प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सहायक होते। हमारे जन घोषणा पत्र में छत्तीसगढ़ के 36 लक्ष्य अंतर्गत ग्रामीण आवास का अधिकार प्रमुख रूप से उल्लेखित है। लेकिन प्रदेश में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में बेघर लोगों के लिए एक भी आवास नहीं बनाया जा सका है। मुझे दुःख है कि इस योजना का लाभ प्रदेश के आवास विहीन लोगों को नहीं मिल सका।'

उन्होंने आगे लिखा है कि, 'पेसा अधिनियम आदिवासी भाई-बहनों के अधिकारों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसे प्रदेश में लागू करने के संबंध में जनघोषणा-पत्र में भी वादा किया था तथा काफी मेहनत से नियम बनाये गये थे ताकि उसे सफलतापूर्वक प्रदेश में लागू किया जा सके। दिनांक 13 जून, 2020 से प्रदेश के आदिवासी ब्लाकों में जाकर वहां के स्थानीय लोगों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों इत्यादि से निरंतर 02 वर्षों से संवाद स्थापित कर इसका प्रारूप तैयार किया गया किन्तु विभाग द्वारा जो प्रारूप कैबिनेट कमेटी को भेजा गया था जिसके अनुसार चर्चा हुई उसमें जल, जंगल जमीन से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दुओं को बदल कर कैबिनेट की प्रेसिका में शायद पहली बार बदल दिया गया। भारसाधक मंत्री को विश्वास में नहीं लिया गया जो कि अस्वस्थ्य परम्परा को स्थापित करेगा।'

बता दें कि सीएम भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव के बीच अनबन की खबरे पिछले कई समय पर देखने को मिल रहे थे। मीडिया सूत्रों के मुताबिक सिंहदेव ढाई-ढाई साल वाले कथित फॉर्मूले के तहत मुख्यमंत्री बनना चाहते थे। हालांकि, भूपेश बघेल के सीएम उन्हें मौका नहीं मिला। दोनों नेताओं के बिच मनमुटाव समय समय पर खुलकर सामने आते थे हैं। फिलहाल इस्तीफे को लेकर सीएम बघेल का कोई बयान नहीं आया है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के पास अब लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीससूत्रीय, वाणिज्यिक कर (जीएसटी) का प्रभार है।