MP में गहराया LPG संकट, सर्वर ठप होने से ऑनलाइन बुकिंग बंद, एजेंसियों पर लगी लंबी कतारें
मध्य प्रदेश में एलपीजी गैस बुकिंग सिस्टम का सर्वर डाउन होने से ऑनलाइन बुकिंग प्रभावित हो गई है। कई शहरों में सिलेंडर के लिए 7–8 दिन की वेटिंग चल रही है और एजेंसियों पर लंबी कतारें लग रही हैं।
मध्य प्रदेश में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर अचानक संकट की स्थिति बन गई है। ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम का सर्वर ठप होने के कारण प्रदेश के कई शहरों में लोग गैस सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई शहरों में सिलेंडर की डिलीवरी 7 से 8 दिन तक टल गई है। हालात ऐसे हैं कि सुबह से ही गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। जबकि, कुछ जगहों पर सिलेंडर की कालाबाजारी के मामले भी सामने आए हैं।
सर्वर की तकनीकी समस्या के कारण उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बुकिंग में लगातार परेशानी हो रही है। कई लोगों ने बताया कि बार-बार प्रयास करने के बाद भी बुकिंग नहीं हो पा रही है। जिसके चलते उपभोक्ता सीधे एजेंसियों पर पहुंचकर सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं। भोपाल में कुछ लोगों ने यह भी शिकायत की है कि गैस एजेंसी के अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल नंबर बंद आ रहे हैं।
इस संकट का असर बाजार और व्यवसायों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। गैस की कमी के कारण कई लोग वैकल्पिक साधनों की ओर रुख कर रहे हैं। भोपाल में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री अचानक बढ़ गई है। दुकानदारों के अनुसार, बिक्री करीब सात गुना तक पहुंच गई है। साथ ही डीजल भट्ठियों की मांग भी बढ़ने लगी है। जिसकी वजह से उनकी कीमतों में तेजी आई है।
गैस की किल्लत का सबसे ज्यादा असर होटल और रेस्टॉरेंट व्यवसाय पर पड़ रहा है। प्रदेश में करीब 50 हजार होटल और रेस्टॉरेंट गैस खत्म होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने बताया कि शहर के करीब दो हजार होटल और रेस्टॉरेंट को पिछले चार दिनों से एक भी सिलेंडर नहीं मिला है। कई प्रतिष्ठानों के पास इतना ही स्टॉक बचा है कि वे मुश्किल से 24 से 48 घंटे तक काम चला पाएंगे।
होटल एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि होटल, रेस्टॉरेंट और कॉलेज कैंटीन को भी आपातकालीन सेवाओं की श्रेणी में शामिल किया जाए। उनका कहना है कि केवल भोपाल में ही करीब दो लाख छात्र इन संस्थानों पर भोजन के लिए निर्भर हैं। इसलिए गैस की कमी से उनके सामने भी बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।
सतना जिले में गैस नहीं मिलने से नाराज 86 लोगों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, उज्जैन में स्थिति भोपाल जैसी ही दिखाई दे रही है। मक्सी रोड स्थित महाकाल गैस एजेंसी और संजोग गैस एजेंसी के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी लाइनें लग गई। एजेंसी खुलने से पहले ही बड़ी संख्या में उपभोक्ता सिलेंडर लेने के लिए पहुंच गए थे।
कुछ जगहों पर जांच के दौरान घरेलू सिलेंडरों के गलत इस्तेमाल के मामले भी सामने आए हैं। बालाघाट जिले के वारासिवनी में खाद्य विभाग की टीम ने जांच अभियान चलाकर 13 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए। टीम ने आनंद भोजनालय, दीनबंधु भोजनालय, कॉलेज चौक की चौपाटी और तहसील के पास नई चौपाटी में घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग करते हुए पाया। जिसके बाद कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया गया।
ग्वालियर में भी लोगों की बेचैनी दिखाई दी। सदर बाजार क्षेत्र में गणेश गैस एजेंसी के डिलीवरी मैन को रास्ते में ही रोककर लोगों ने अपने सिलेंडर की डिलीवरी के बारे में पूछताछ की। एजेंसी संचालक मयूर गोयल का कहना है कि सिलेंडर की कीमत बढ़ने या बाजार में कमी होने की अफवाह फैलने के कारण लोग घबराहट में अतिरिक्त बुकिंग कर रहे हैं। जिसकी वजह से स्थिति और बिगड़ रही है।
बालाघाट में कमर्शियल गैस की कमी से कैटरिंग कारोबार भी प्रभावित होने लगा है। कैटरिंग व्यवसायी संजू असाटी ने बताया कि गैस के बिना उनका काम पूरी तरह ठप हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही सिलेंडर नहीं मिले तो शादी-समारोह की बुकिंग रद्द करनी पड़ सकती है या फिर वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ेगी।




