MP: किसानों से 37 लाख का प्याज खरीद गायब हो गया व्यापारी

मंडी का लायसेंस देख कर क्रेडिट पर बेच दिया 37 लाख का प्याज, व्यापारी ने किया मात्र 7 लाख का भुगतान

Updated: Jul-26, 2020, 07:20 PM IST

MP: किसानों से 37 लाख का प्याज खरीद गायब हो गया व्यापारी

भोपाल। कोरोना महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन में इंदौर संभाग के किसान धोखाधड़ी के शिकार हो गए हैं। इंदौर की देवी अहिल्या फल एवं सब्जी मंडी बंद होने से उन्होंने लायसेंसी व्यापारी राधेश्याम पाटीदार को 37 लाख का प्याज बेचा। व्यापारी ने उन्हें मात्र 7 लाख का भुगतान किया और 30 लाख का प्याज ले कर गायब हो गया है। किसान अब अपना पैसा पाने के लिए हर जगह गुहार लगा रहे हैं। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदौर फल और सब्ज़ी मंडी में व्यापारी राधेश्याम रामगोपाल पाटीदार दुकान नंबर 111 से व्यापार करता है। उसने मंडी बोर्ड के लायसेंस का हवाला देकर महू तहसील के ग्राम गवली पलासिया में विष्णु प्रसाद पाटीदार से प्याज खरीदने के लिए संपर्क किया। उसके साथ सहयोगी फर्म अग्निहोत्री ट्रेडिंग के मयंक अग्निहोत्री व विष्णु चौधरी भी थे जो मंडी में दुकान नंबर 76 संचालित करते हैं। 

व्यापारी राधेश्याम पाटीदार ने विष्णु प्रसाद पाटीदार के सम्पर्क के इदौर व अन्य स्थानों के 34 किसानों में 37 लाख का प्याज खरीदा। इसके बदले मात्र 7 लाख का भुगतान किया गया है। 30 लाख 43 हजार रुपए अभी बकाया है। किसानों का कहना है कि उन्होंने मंडी का लायसेंस देख कर प्याज बिना नगद पैसा लिए बेच दिया। बहुत दिनों बाद तक पैसा नहीं मिला तो किसानों ने राधेश्याम पाटीदार से सम्पर्क किया। वह किसानों को टालता रहा। बाद में जब किसानों ने बार-बार फोन कर पैसों की माँग की तो व्यापारी राधेश्याम पाटीदार ने फोन उठाने बंद कर दिए। Unlock के बाद जब किसान इंदौर मंडी में गए तो व्यापारी राधेश्याम पाटीदार की दुकान पर ताला मिला। उसके साथी व्यापारी मयंक अग्निहोत्री और विष्णु चौधरी मंडी में अपनी दुकान चला रहे हैं। किसानों ने उनसे पैसे माँगे तो उन्होंने राधेश्याम पाटीदार से सम्बन्ध होने से ही इंकार कर दिया। किसानों द्वारा बार बार राधेश्याम पाटीदार की पूछताछ करने पर मयंक अग्निहोत्री और विष्णु चौधरी उन्हें धमकाते हैं।

भारतीय किसान संघ मालवा प्रांत महू विकासखंड के तहसील अध्यक्ष मोहन लाल पाण्डे ने बताया कि मंडी और पुलिस थाने में इस धोखाधड़ी की शिकायत की गई है। मंडी समिति ने व्यापारी राधेश्याम पाटीदार का लायसेंस निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है और पुलिस मामले की जाँच कर रही है। मगर केवल लायसेंस निरस्त करने से किसानों का पैसा नहीं मिल जाएगा। मंडी में काम कर रहे व्यापारी मयंक अग्निहोत्री और विष्णु चौधरी ने सुनियोजित तरीके में राधेश्याम पाटीदार मंडी से लिखवा लिया है कि उनका राधेश्याम पाटीदार से कोई लेन-देन नहीं है।

लायसेंस निरस्त करें, किसानों का पैसा दिलवाएँ 

भारतीय किसान संघ ने माँग की है कि जिस व्यापारी एसोसिएशन की गारंटी के आधार पर राधेश्याम पाटीदार को लाइसेंस जारी किया गया है उस पर भी कार्रवाई की जाए। किसानों को जानकारी मिली है कि राधेश्याम पाटीदार ने किसानों से खरीदने के बाद प्याज वगोल्डन कोल्ड स्टोरेज व श्री कृष्ण स्टोरेज राऊ में रखा है। उन्होंने माँग की है कि  किसानों को ठगने वाले हर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई तो हो ही लेकिन किसानों का पैसा दिलवाया जाए।