जीने की इच्छा मेरी भी है लेकिन हालात ऐसे नहीं रहे, कर्ज में डूबे युवक ने पूरे परिवार को खत्म कर दे दी जान

ऑनलाइन ऐप से लोन लेकर किश्तें न चुका पाने पर इंदौर में एक युवक ने पत्नी और दो मासूम बच्चों को जहर देकर खुद फांसी लगा ली, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस पूरे मामले की जांच कमिश्नर को सौंपी है

Updated: Aug 24, 2022, 09:39 PM IST

जीने की इच्छा मेरी भी है लेकिन हालात ऐसे नहीं रहे, कर्ज में डूबे युवक ने पूरे परिवार को खत्म कर दे दी जान

इंदौर। ऑनलाइन ऐप से लोन लेना इंदौर में एक युवक को इतना भारी पड़ा की उसने पूरे परिवार के साथ जान दे दी। युवक कर्ज के दुष्चक्र में इस तरह फंसा हुआ था कि उससे बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। इससे परेशान युवक ने अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों को जहर देकर खुद फांसी लगा ली। विपक्षी दल कांग्रेस ने चार मौतों के लिए सीएम चौहान को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं मामला बढ़ने के बाद अब राज्य सरकार भी हरकत में आ गई है।

गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने के निर्देश पुलिस कमिश्नर को दिए हैं। उन्होंने कहा कि, 'इंदौर में एप लोन से लिए कर्ज के कारण परिवार की आत्महत्या का मामला दुखद और मार्मिक है। इंदौर पुलिस कमिश्नर को घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के निर्देश दिए हैं। साइबर सेल भी ऑनलाइन लोन एप की प्रक्रिया और तरीके की जांच करेगा, अगर कोई आपत्तिजनक तरीका हुआ तो गंभीरता से विचार करेंगे।'

मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इसमें लिखा हुआ है कि, 'जीने की इच्छा मेरी भी है पर मेरे हालात अब ऐसे नहीं रहे। आदमी मैं बुरा नहीं हूं। इसमें किसी की कोई गलती नहीं है, मेरी ही है। मैंने कई ऑनलाइन एप से लोन ले रखा है। जैसे True Balance, Mobi Pocket, Money View, Smart Coin, Rufilo पर मैं लोन नहीं भर पा रहा हूं। इज्जत के डर से यह कदम उठा रहा हूं। पुलिस मेरे परिवार जैसे मां-बाप, सास-ससुर को परेशान न करें। मैं ही दोषी हूं।' 

युवक ने आगे लिखा है कि, 'एक विशेष बात लोन पैन कार्ड का होता है। अगर पैन कार्ड धारक मर जाता है तो लोन का कोई अस्तित्व नहीं रहता। मेरा लोन किसी को भरने की जरूरत नहीं है। मैं मेरे भाई और माता-पिता से बहुत प्यार करता हूं। आपस में घर वाले नहीं लड़े यह मेरी आखिरी इच्छा है। यह पत्र मेरे घरवालों को अवश्य पढ़ा दें। मम्मी मैं जा रहा हूं। मेरे बैंक अकाउंट में करीब 850 रु. है। मैं अपनी इच्छा से इसे मेरे भाई और दोस्त जिसने कदम-कदम पर मेरा साथ दिया उसे ट्रांसफर कर रहा हूं। डिप्रेशन बहुत है और अब यह सहन नहीं होता।'

युवक ने अपने छोटे भाई के लिए लिखा कि मैं वापस आऊंगा भाई। तू बहुत बड़ा आदमी बने यही मेरी तमन्ना है। मेरी बॉडी को एक बार हंसकर जरूर देख लेना। जिंदगी की जंग हार गए हैं। उसने में लिखा कि मौत सिर्फ शरीर की होती है। युवक की पहचान सागर निवासी अमित यादव के रूप में हुई है। अमित ने जब मंगलवार सुबह अपने परिवार वालों का फोन नहीं उठाया तो भागीरथपुरा में ही रहने वाले उनके ससुराल पक्ष को सूचित किया गया। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोग वहां पहुंचे तो दरवाजा भीतर से बंद था।

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पुलिस जब मौके पर पहुंची तो अमित फांसी से लटका हुआ मिला। जबकि उसकी पत्नी और दो बच्चे बिस्तर पर मृत अस्वथा में पड़े थे। पुलिस के मुताबिक पत्नी और दो बच्चों को जहर देकर अमित ने फांसी लगा ली थी। कांग्रेस ने इस घटना के लिए सीएम चौहान को जिम्मेदार बताया है। एमपी कांग्रेस ने ट्वीट किया, 'शिवराज जी, इस हत्या के दोषी आप हैं। आमदनी है नहीं, रोज़गार है नहीं, महंगाई पर क़ाबू नहीं, युवा निराश है, बस भाषणों में जारी, नित नई बकवास है।'