MP By Election: ग्वालियर की जनता का सवाल, शिवराज ने क्यों किया अधूरे प्रोजेक्ट का लोकार्पण

Gwalior: सीवेज प्लांट और डिजिटल म्यूजियम ने काम करना अब तक शुरू नहीं किया, मुख्यमंत्री ने 11-12 सितंबर को किया था लोकार्पण

Updated: Oct 12, 2020 07:53 PM IST

MP By Election: ग्वालियर की जनता का सवाल, शिवराज ने क्यों किया अधूरे प्रोजेक्ट का लोकार्पण
Photo Courtesy: MP Breaking News

ग्वालियर। उप चुनाव के लिए किए गए दिखावे के कार्यक्रमों की एक और पोल जनता के सामने खुलती नजर आ रही है। ग्वालियर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 11-12 सितंबर को दो परियोजनाओं का लोकार्पण किया। ये परियोजनाएं हैं ग्वालियर का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और डिजिटल म्यूजियम एंड प्लेनेटोरियम। कायदे से तो किसी प्रोजेक्ट लोकार्पण होते ही उसका फायदा लोगों को मिलना शुरू हो जाना चाहिए। लेकिन ग्वालियर के इन दोनों ही प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण सिर्फ माहौल बनाने के लिए किया गया दिखावटी कार्यक्रम बन कर रह गया है। 

लोकार्पण बाद पूरा एक महीना गुज़र चुका है, लेकिन दोनों ही परियोजनाएं जनता के लिए केवल शो पीस बनी हुई हैं। दोनों ही प्रोजेक्ट अब भी जनता के किसी काम नहीं आ रहे हैं। ना तो ग्वालियर के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट ने काम करना शुरू किया है और ना ही डिजिटल म्यूजियम एंड प्लेनेटोरियम ही खोला जा सका है।

जनता को लुभाने के लिए अधूरे प्रोजेक्ट का किया उद्घाटन

आपको बता दें कि ग्वालियर चंबल संभाग के 16 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हो रहे हैं। जिसमें चुनावी फायदा उठाने के मकसद से 94 करोड़ की लागत से बन रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम पूरा होने से पहले ही मुख्यमंत्री ने उसका उद्घाटन कर दिया। सीवेज प्लांट के इंजीनियर्स का कहना है कि प्लांट में सीवेज ट्रीटमेंट शुरू होने में अभी और वक्त लगेगा।

यही हाल 6.72 करोड़ रुपये की लागत से बने ग्वालियर स्मार्ट सिटी डेपलपमेंट कार्पोरेशन के डिजिटल म्यूजियम एंड प्लेनेटोरियम का भी है। इसे भी जनता के लिए अब तक खोला नहीं गया है। दरअसल इसके संचालन के लिए तो अभी एजेंसी तक नियुक्त नहीं हुई है। इतना ही नहीं चुनावी घोषणाओं की बयार के बीच मुरार नदी के जीर्णोद्वार का जो शिलान्यास हुआ था, उसका काम भी अब तक शुरू नहीं किया गया है। ग्वालियर शहर में पानी की टंकियों से नल का कनेक्शन जोड़ने का काम भी अधूरा है, जिससे कई इलाकों की जनता अब तक पानी सप्लाई की बाट जोह रही है। 

इन तमाम परियोजनाओं की मौजूदा हालत देखकर तो यही लगता है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव से पहले लोकार्पण, शिलान्यास और भूमि पूजन की होड़ तो लगा दी, लेकिन उनका कार्यक्रम खत्म होने के बाद इन परियोजनाओं का क्या हुआ इससे किसी को कोई मतलब नहीं है। न ही उन्हें इस बात की परवाह है कि वे जिस प्रोजेक्ट का लोकार्पण कर रहे हैं वह वाकई जनता के उपयोग के लिए तैयार है भी या नहीं।