Indore: कलेक्टर ने भरी मीटिंग में CMHO को डांटा, मीटिंग से रोते हुए बाहर निकले

कुछ ही दिनों पहले सीएमएचओ प्रवीण जाड़िया का हार्ट का ऑपरेशन हुआ था

Updated: Dec 09, 2020, 03:09 PM IST

Indore: कलेक्टर ने भरी मीटिंग में CMHO को डांटा, मीटिंग से रोते हुए बाहर निकले
Photo Courtesy: Twitter

इंदौर। इंदौर के CMHO प्रवीण जाड़िया को कलेक्टर मनीष सिंह ने भरी मीटिंग में फटकार लगा दी। जिसके बाद प्रवीण जाड़िया की तबीयत खराब हो गई और वह रोते हुए मीटिंग से बाहर निकल आए। सेहत ज़्यादा बिगड़ने पर उनके साथियों ने उन्हें अस्पताल पहुँचाया। अस्पताल में चेक अप कराने के बाद वे पांच दिन के अवकाश पर चले गए हैं।  

कलेक्टर ने क्यों लगाई डांट

दरअसल मामला इंदौर ज़िले में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा का था। कलेक्ट्रेट में कलेक्टर मनीष सिंह मंगलवार को ज़िले में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा के दौरान उन्हें पता चला कि प्रसूति सहायता सहित दूसरे काफी काम समय पर नहीं हुए। सब पेंडिंग हैं तो वो नाराज़ हो गए। वो इतने गुस्से में आ गए कि पेंडेंसी को लेकर कलेक्टर मनीष सिंह ने सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जाड़िया को मीटिंग में ही फटकार लगा दी। 

भरी मीटिंग में कलेक्टर से इस तरह डांट की डॉ जाड़िया को ज़रा भी उम्मीद न थी। सबके सामने इस अपमान को वो सह नहीं पाए और वो रोते हुए मीटिंग हॉल से बाहर आ गए। CMHO डॉ जाड़िया ने सीने में दर्द की शिकायत की और बाहर निकलते ही चेयर पर बैठ गए। उनकी ये हालत देखकर साथी डॉक्टरों ने उन्हें संभाला। साथी डॉक्टर उन्हें पकड़कर बाहर तक लाए। डॉ जड़िया ने चेकअप कराया और फिर और वहां से 5 दिन की छुट्टी पर चले गए। 

CMHO को डांटना ज़रूरी : कलेक्टर 

कलेक्टर मनीष सिंह ने पूरे घटनाक्रम को लेकर कहा है कि, ये रुटीन रिव्यू मीटिंग थी।जिला स्वास्थ्य अधिकारी का एक्टिव रहना जरूरी है। न्यूज़ 18 के मुताबिक कलेक्टर मनीष सिंह ने अपने बर्ताव को जायज ठहराते हुए कहा कि CMHO के अंडर में प्रसूति सहायता के कई प्रकरण हैं। कोविड मैनेजमेंट की बहुत सी चीजें हैं। इसके अलावा भी अन्य कई जिम्मेदारियां हैं। ऐसे में अगर वो कोई गलती करेंगे, तो उन्हें डांटना जरूरी है, तभी जनता को रिलीफ मिलेगी। 

हालांकि यह पहली दफा नहीं है जब कलेक्टर मनीष सिंह ने डॉक्टर जाड़िया को डांट लगाई हो। नई दुनिया के मुताबिक पिछले काफी दिनों से डॉक्टर जाड़ि‍या कलेक्टर के निशाने पर हैं। इससे पहले भी कई बार मनीष सिंह जड़‍िया को मी‍टिंग में डांट लगा चुके हैं। सोमवार को हुई एक बैठक में भी मनीष सिंह ने जमकर फटकार लगाई थी और कहा था कि अपना ट्रांसफर करा लो। आज भी एक बैठक के दौरान मनीष सिंह सबसे पहले डॉक्टर जाड़‍िया पर नाराज हुए। 

CMHO ने क्या कहा
कलेक्टर द्वारा फटकार लगाए जाने के बाद प्रवीण जाड़िया ने काफी नरम रवैया दिखाया है। डॉक्टर जाड़िया ने कहा है कि छोटे अधिकारी को डांटने का अधिकार कलेक्टर को है। लेकिन यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है  कि कुछ दिन पहले ही उनके हार्ट का ऑपरेशन हुआ है।