मुरैना में सम्राट मिहिर की जाति को लेकर भिड़े दो समुदाय, तीन दिन के लिए स्कूल कॉलेज बंद

ग्वालियर में सम्राट मिहिर की प्रतिमा लगाने के बाद शुरु हुआ था विवाद, शिलापट्टिका पर सम्राट मिहिर को गुर्जर समुदाय का बताया गया, सम्राट की जाति को लेकर गुर्जर और क्षत्रिय समाज हैं आमने-सामने

Updated: Sep 24, 2021, 09:17 PM IST

मुरैना में सम्राट मिहिर की जाति को लेकर भिड़े दो समुदाय, तीन दिन के लिए स्कूल कॉलेज बंद

ग्वालियर/मुरैना। सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर बढ़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सम्राट मिहिर की जाति को लेकर गुर्जर और क्षत्रिय समाज आमने-सामने हैं। विवाद इतना बढ़ गया है कि लोग हिंसा पर उतारू हो गए हैं। मुरैना में यात्री बसों में भी तोड़फोड़ की जा रही है। किसी बड़ी हिंसा की आशंका को देखते हुए मुरैना प्रशासन ने एहतियातन तीन दिन के लिए सभी स्कूल कॉलेज बंद करा दिए हैं।  

सम्राट मिहिर की जाति के विवाद को लेकर गुरुवार से ही मुरैना में दोनों वर्ग के लोगों ने हिंसक रुख अख्तियार कर रखा है। गुरुवार को क्षत्रिय समाज के कुछ लोगों ने गुर्जर समाज द्वारा लगाए गए होर्डिंग को फाड़ दिया। इसके साथ ही उन्होंने जमकर पत्थरबाज़ी भी की। लेकिन हिंसा एकतरफा नहीं हुई। मुरैना के ही जरेरुआ गांव में बीती शाम गुर्जर समाज के लोगों ने तोड़फोड़ शुरु की। यात्री बसों को रोककर उनमें तोड़फोड़ और पत्थरबाज़ी की गई। इस दौरान गुर्जर युवा जमकर नारेबाज़ी भी करते रहे।  

हिंसक माहौल को देखते हुए मुरैना प्रशासन ने मुरैना के सभी स्कूलों को आगामी तीन दिनों के लिए बंद कर दिया। गुरुवार देर शाम मुरैना प्रशासन ने स्कूल बंद करने का आदेश जारी कर दिया।  हालांकि हिंसा पर अब तक लगाम नहीं लग पायी। शुक्रवार सुबह भी गुर्जर समाज क कुछ लोगों ने बसों में तोड़फोड़ की है। जिसके बाद मुरैना शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है। पुलिस पल-पल यात्री बसों की सुरक्षा में जुटी हुई है।  

क्यों हो रहा है विवाद 
यह सारा विवाद बीते 8 सितंबर को ग्वालियर नगर निगम द्वारा सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा लगाने के बाद से शुरु हुआ है। सम्राट मिहिर की प्रतिमा की शिलापट्टिका में सम्राट के नाम के आगे गुर्जर लिख दिया गया। जिसके बाद क्षत्रिय समाज ने इस पर आपत्ति जताई। सम्राट की जाति को लेकर शुरु से विवाद रहा है। गुर्जर और क्षत्रिय समाज शुरु से ही सम्राट को अपनी-अपनी जाति का बताते रहे हैं। लिहाज़ा सार्वजनिक जगह पर सम्राट को गुर्जर बताया जाना क्षत्रिय समाज को नागवार गुज़रा। नतीजतन क्षत्रिय समाज और गुर्जर समाज के बीच पहले तो सोशल मीडिया पर ज़ुबानी जंग शुरु हुई जिसने अंततः हिंसा का शक्ल तैयार कर लिया।