MP: बदहाल सड़कों ने ली प्रसूता और बच्चे की जान, घर तक नहीं पहुंच सकी जननी एक्सप्रेस, खाट पर लिटाकर ले गए परिजन

गर्भवती महिला को लेने जननी एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से पहुंची और गांव तक पहुंचने का रास्ता ऊबड़ खाबड़ होने के कारण परिजनों को गर्भवती महिला को खाट पर लिटाकर 3 किलोमीटर दूर खड़ी जननी एक्सप्रेस तक पैदल ले जाना पड़ा, जिससे महिला की तबियत बिगड़ गई।

Updated: Jun 17, 2022, 04:49 PM IST

MP: बदहाल सड़कों ने ली प्रसूता और बच्चे की जान, घर तक नहीं पहुंच सकी जननी एक्सप्रेस, खाट पर लिटाकर ले गए परिजन
Courtesy : News 18

बड़वानी। गांव गांव तक सड़क, बिजली का दावा करने वाली शिवराज सरकार में प्रसूताओं को खाट पर ले जाने की घटना आम बात है। कहीं सड़क की वजह से जननी एक्सप्रेस नही पहुंच पाती, तो कही जननी एक्सप्रेस ही नहीं है।पिछले 16 साल से प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं को प्रदेश के बेटा बेटियों का मामा कहते हैं लेकिन इसी मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बदतर हालत के कारण परिजन गर्भवती महिला को खाट पर लिटाकर पैदल ले जाने को मजबूर है।

बड़वानी में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। यहां गर्भवती महिला को ले जाने के लिए जननी एक्सप्रेस गाड़ी तीन घंटे बाद पहुंची। गांव तक पहुंचने के लिए तीन किलोमीटर की सड़क नही होने के कारण परिजनों को गर्भवती महिला को खाट पर लिटाकर जननी एक्सप्रेस तक पैदल ले जाना पड़ा। ये घटना बड़वानी जिले की सिरवेल ग्राम पंचायत के अंतर्गत कंजा फल्या गांव की है। गुरुवार शाम शांता बाई को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजनों ने आंगनवाड़ी में आशा कार्यकर्ता को सूचना दी। आशा कार्यकर्ता ने जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित जननी एक्सप्रेस गाड़ी को बुलाने के लिए फोन किया।

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पहले तो गर्भवती महिला को लेने जननी एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से पहुंची और दूसरा रास्ता ऊबड़ खाबड़ होने के कारण परिजनों को गर्भवती महिला को खाट पर लिटाकर 3 किलोमीटर दूर खड़ी जननी एक्सप्रेस तक पैदल ले जाना पड़ा। जिससे महिला की तबियत बिगड़ गई। गर्भवती महिला को पहले चाचरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, यहां से उसे सेंधवा अस्पताल में भेज दिया गया। तबियत बिगड़ती देख चिकित्सकों ने महिला को बड़वानी जिला अस्पताल भेज दिया लेकिन तब तक महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई।

राज्य सरकार दावा करती है कि जननी एक्सप्रेस शहरी क्षेत्रों में 20 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट में पहुंच जाएगी। लेकिन तीन घंटे देर से पहुंची जननी एक्सप्रेस ने एक गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे की जान ले ली। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से किसी का परिवार उजड़ गया। इससे पहले एंबुलेंस नही मिलने के कारण सागर के गढ़ाकोटा में परिजनों को मृत भाई का शव हाथ ठेले पर और छतरपुर में एंबुलेंस नही मिलने से चाचा को अपनी 4 साल की भतीजी का शव लेकर पैदा घर जाने को मजबूर होना पड़ा था।