ब्यावरा उपचुनाव 2020: इतिहास में पहली बार कांग्रेस और बीजेपी के प्रत्याशी मतगणना स्थल पर नहीं होंगे मौजूद

ब्यावरा उपचुनाव रिज़ल्ट 2020: कोविड के कारण बीजेपी प्रत्याशी नारायण सिंह पंवार की तरफ से एजेंट उनके बेटे मोहन पंवार होंगे और कांग्रेस प्रत्याशी की तरफ से एजेंट पूर्व नपाध्यक्ष डॉ. भरत वर्मा मतगणना स्थल पर मौजूद रहेंगे

Updated: Nov 10, 2020, 10:14 AM IST

ब्यावरा उपचुनाव 2020:  इतिहास में पहली बार कांग्रेस और बीजेपी के प्रत्याशी मतगणना स्थल पर नहीं होंगे मौजूद
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राजगढ़। मध्य प्रदेश में किसकी सरकार होगी आज इसका फैसला 28 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों से हो जाएगा। आज सुबह 8 बजे से गिनती शुरू हो चुकी है। इस बार एक सीट ऐसी भी है जहां मतगणना के दौरान ना तो कांग्रेस के प्रत्याशी होंगे और ना ही बीजेपी का उम्मीदवार। यह सीट रायगढ़ जिले की ब्यावरा विधानसभा सीट है। यहां कांग्रेस और बीजेपी के प्रत्याशी कोविड 19 गाइडलाइन के चलते मतगणना स्थल पर नहीं जा सकेंगे।

कोविड 19 गाइडलाइन के अनुसार संक्रमण होने के 10 से 14 दिन बाद ही अस्पताल से मरीज को डिस्चार्ज किया जाता है। लेकिन मतदान के दूसरे दिन ही कांग्रेस प्रत्याशी रामचंद्र दांगी और बीजेपी प्रत्याशी नारायण सिंह पंवार की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जिन्हें इलाजे के लिए भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इन दोनों प्रत्याशियों के प्रतिनिधि और हर टेबल पर बैठने वाले 14 एजेंट मतगणना स्थल पर मौजूद होंगे।

बीजेपी प्रत्याशी नारायण सिंह पंवार की तरफ से एजेंट उनके बेटे मोहन पंवार होंगे और कांग्रेस प्रत्याशी की तरफ से एजेंट पूर्व नपाध्यक्ष डॉ. भरत वर्मा मतगणना स्थल पर मौजूद रहेंगे। गौरतलब है कि ब्यावरा विधानसभा सीट से कांग्रेस ने तीसरी बार रामचंद्र दांगी को मैदान में उतारा। इससे पहले रामचंद्र दांगी को 2003 और 2013 के विधानसभा चुनाव में मौका मिला था। वहीं बीजेपी नारायण सिंह पंवार को लगातार चुनावी मैदान में उतारा है।

यह जिले के इतिहास में पहली बार होगा जब कांग्रेस प्रत्याशी मतगणना स्थल पर नहीं होंगे। वे अस्पताल से ही अपने परिजनों और समर्थकों के संपर्क में रहेंगे और वहीं से चुनाव परिणाम पर नजर बनाए रखेंगे। दोनों प्रत्याशियों ने अपने परिजनों और पार्टिजनों को साफ कह दिया है कि पूरी मतगणना के दौरान वे खुद प्रत्याशियों की भूमिका में रहे।