राशन घोटाला: डिंडोरी में 9 महीने से गरीबों को नहीं मिला अनाज, दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर

कोरोना संकट के दौरान गरीबों को मुफ्त राशन देने के दावे, केंद्र और राज्य दोनों सरकारों ने की थी मदद करने की बात, जमीनी हकीकत ने खोली पोल, गरीबों को 9 महीनों से नहीं मिला राशन

Updated: Aug 11, 2021, 01:42 PM IST

राशन घोटाला: डिंडोरी में 9 महीने से गरीबों को नहीं मिला अनाज, दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर

डिंडोरी। कोरोना संकट के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों ने गरीबों को मुफ्त राशन देने के तमाम दावे किए। कहा गया कि सभी परिवारों को भरपूर राशन दिया जा रहा है। राशन बांटने के लिए पिछले हफ्ते गाजे बाजे के साथ अन्न उत्सव मनाया गया। हालांकि, जमीनी हकीकत कोरोना काल में राशन घोटाले की ओर इशारा कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश के डिंडोरी में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां लोगों को पिछले 9 महीने से राशन नहीं मिल पाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जनपद पंचायत अमरपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बोधघुण्डी में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के माध्यम से पीडीएस दुकान से पिछले 9 महीनों से अनाज नहीं मिल पा रहा हैं। राशन न मिलने की समस्या पीड़ित लोग ग्राम पंचायत में भी बता चुके हैं, हालांकि कोई हल नहीं निकल पाया। 

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इस गांव में आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं। उनका कहना है कि पात्रता पर्ची व राशन कार्ड लेकर वे कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। कमोबेश यही स्थिति ग्राम पंचायत डुंण्डीसरई में भी है। यहां भी वैध लाभार्थी राहत से वंचित कर दिए गए हैं। ग्राम पंचायत के सरपंच कृष्ण नेटी ने भी स्वीकारा है कि लोगों को राशन नहीं मिल पा रहा है।

इतना ही नहीं लोगों का कहना है कि ऐसे दर्जनों गांव हैं, जहां राशन वितरन का कार्य रुका हुआ है। परंतु अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने इसपर ध्यान देना बंद कर दिया है। माना जा रहा है कि ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और खाद्य विभाग की लापरवाही का खामियाजा इलाके के वंचित आदिवासी समाज को भुगतना पड़े रहा है। अमरपुर के खंड पंचायत अधिकारी विनय पटेल ने कहा है कि शीघ्र ही इसके निराकरण होने की उम्मीद है।