केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की झूठ बेनकाब, US ने यौन अपराधी एपस्टीन के साथ तस्वीरें जारी की
हरदीप पुरी लगातार कहते रहे हैं वे एपस्टीन से केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले, अलग से उनकी कभी मुलाकात नहीं हुई। लेकिन अब अमेरिकी सरकार ने उनकी तस्वीरें जारी की है।
नई दिल्ली। अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ रिश्तों को लेकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की झूठ बेनकाब हो गई है। अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी हालिया एपस्टीन फ़ाइल्स में हरदीप सिंह पुरी की भी तस्वीरें हैं। इन तस्वीरों में देखा जा सकता है कि मंत्री हरदीप पूरी कुख्यात दरिंदे एपस्टीन के साथ अकेले बैठे हैं।
एपस्टीन के साथ हरदीप पूरी की ये तस्वीरें इसलिए अहम मानी जा रही हैं, क्योंकि पुरी लगातार कहते रहे हैं कि वे एपस्टीन से केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले, अलग से उनकी कभी मुलाकात नहीं हुई। लेकिन तस्वीरों में वे अकेले ही हैं। इन तस्वीरों को जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ से जारी दस्तावेजों के नौवें सेट में रखा गया था। इस सेट में कम से कम 11 तस्वीरें हैं। ये सभी लगभग एक जैसी हैं। ये मंगलवार को सोशल मीडिया पर चर्चा में आई।
तस्वीरें सामने आने के बाद विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस सोशल मीडिया विंग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने एक एक्स पोस्ट में लिखा कि जब पुरी ने कहा था कि वे एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों के क्या मायने हैं? वहीं, TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, 'पुरी कहते थे कि वे एपस्टीन से तीन-चार बार डेलिगेशन के साथ मिले थे, दोनों तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां थे।'
बता दें कि इस साल फरवरी में हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में राहुल गांधी की ओर से एपस्टीन फाइलों को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया था। पुरी ने बताया था कि वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद और 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले एपस्टीन से मिले थे। उन्होंने इन मुलाकातों को पूरी तरह पेशेवर बताया था और कहा था कि उनका एपस्टीन के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों से कोई संबंध नहीं था।
हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन के संपर्क की बात नवंबर 2025 में सार्वजनिक चर्चा में आई थी। उस समय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की निगरानी समिति की ओर से जारी एक ईमेल में दोनों के बीच बातचीत का जिक्र था। इसके बाद 30 जनवरी को अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने एपस्टीन से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज जारी किए। इनमें जून 2014 से जून 2017 के बीच के ईमेल भी शामिल थे। ईमेल के मुताबिक पुरी 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 को न्यूयॉर्क में एपस्टीन के घर गए थे।
जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली।




