CWG 2026: जैस्मिन, प्रीति और सोमन ने जीता गोल्ड, भारत देश के खाते में हुए कुल 8 स्वर्ण पदक

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शनिवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 स्वर्ण समेत कई पदक जीते। बॉक्सिंग में जैस्मिन लांबोरिया व प्रीति पवार और पैरा एथलेटिक्स में सोमन राणा ने गोल्ड हासिल किया।

Updated: Aug 01, 2026, 07:05 PM IST

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। शनिवार को भारत ने तीन और स्वर्ण पदक अपने नाम किए। जिसके बाद देश के कुल गोल्ड मेडल की संख्या आठ और कुल पदकों की संख्या 30 हो गई हैं। बॉक्सिंग में जैस्मिन लांबोरिया और प्रीति पवार ने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीते। जबकि, पैरा एथलेटिक्स में सोमन राणा ने शॉटपुट F57 स्पर्धा में गोल्ड हासिल किया। इन सफलताओं के साथ भारत पदक तालिका में छठे स्थान पर पहुंच गया है। वहीं, पुरुषों की 55 किलोग्राम बॉक्सिंग स्पर्धा में जादुमणि सिंह को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

महिला 57 किलोग्राम बॉक्सिंग फाइनल में जैस्मिन लांबोरिया ने नॉर्दर्न आयरलैंड की मिकाएला वॉल्स को हराकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं, 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की सवाना डोलमागो को मात देकर भारत को एक और गोल्ड दिलाया। जादुमणि सिंह ने पुरुष 55 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन का मुकाबला किया। उन्होंने पहला राउंड 3-2 से अपने नाम किया लेकिन अगले दो राउंड में डिक्सन ने वापसी करते हुए मुकाबला जीत लिया। इससे पहले जादुमणि ने सेमीफाइनल में नामीबिया के फिलिप हाओसेब को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

यह भी पढ़ें:जैसलमेर में सेना की SUV दुर्घटनाग्रस्त, इंदौर के मेजर हमजा आरिफ की मौत, दो लेफ्टिनेंट घायल

पैरा एथलेटिक्स की F57 शॉटपुट स्पर्धा में सोमन राणा ने 13.40 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसी स्पर्धा में भारत के शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रजत पदक हासिल किया। F57 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए होता है जिनके निचले अंग प्रभावित होते हैं जबकि उनके ऊपरी शरीर की क्षमता सामान्य रहती है।

एथलेटिक्स में भी भारत ने पदकों की झोली भरी। पुरुष ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रावेल ने 16.58 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल जीता। जबकि, सेल्वा प्रभु ने 16.52 मीटर के प्रयास के साथ ब्रॉन्ज पदक हासिल किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जाम्बिया के जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर की छलांग के साथ जीता।

भारतीय बॉक्सिंग दल के लिए दिन अभी और महत्वपूर्ण रहने वाला है। सात भारतीय मुक्केबाज अलग-अलग भार वर्गों के फाइनल में स्वर्ण पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे। इनमें साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा), अंकुश पंघाल (80 किग्रा) और नरेंद्र बरवाल (90+ किग्रा) शामिल हैं।

यह भी पढ़ें:जबलपुर के अमित कुमार को राष्ट्रपति भवन से आया बुलावा, 15 अगस्त को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी सम्मानित

स्वर्ण पदक जीतने वाली प्रीति पवार पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। हरियाणा की प्रीति ने 2022 एशियन चैंपियनशिप और 2023 एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने 2024 पेरिस ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। जबकि, 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल और 2026 एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। उनकी ट्रेनिंग एनएस-एनआईएस पटियाला में होती है।

जैस्मिन लांबोरिया भी भारतीय बॉक्सिंग की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। हरियाणा की जैस्मिन फिलहाल 57 किलोग्राम वर्ग में दुनिया की नंबर-1 मुक्केबाज हैं। वह 2024 पेरिस ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप और वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में भी स्वर्ण पदक जीता था।

अन्य मुकाबलों की बात करें तो जूडो में उन्नति शर्मा ने महिला 63 किलोग्राम वर्ग के राउंड ऑफ-16 में लामुलेला मागागुला को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं, पैरा एथलेटिक्स की पुरुष 1500 मीटर T54 स्पर्धा में भारत के रमेश शनमुगम सातवें स्थान पर रहे। दूसरी ओर महिलाओं की 10,000 मीटर रेस वॉक फाइनल में नियमों के उल्लंघन के कारण तीन रेड कार्ड मिलने पर भारतीय खिलाड़ी रवीना गायकवाड़ को अयोग्य घोषित कर दिया गया। जिसकी वजह से उनका अभियान समय से पहले समाप्त हो गया।

यह भी पढ़ें:कुलगाम में टारगेट किलिंग, आतंकियों ने नाम पूछकर मारी गोली, छत्तीसगढ़ के दो युवकों की मौत

शनिवार को कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 44 स्वर्ण पदक स्पर्धाएं आयोजित हो रही हैं। इनमें बॉक्सिंग के अलावा एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स, जूडो, ट्रैक साइक्लिंग और लॉन बॉल्स में भी भारतीय खिलाड़ी पदक जीतने की उम्मीदों के साथ चुनौती पेश कर रहे हैं। भारत की नजर अब अपने पदकों की संख्या और पदक तालिका में स्थिति को और बेहतर बनाने पर है।