Opinion at Humsamvet In Hindi
सवाल पूछने की आजादी बनाम सोशल मीडिया की अराजकता
पेशेवर पत्रकारिता की एक आचार संहिता होती है। इसमें तीखे से तीखे सवाल भी पूरी शालीनता,...
विश्व आदिवासी अधिकार दिवस: संयुक्त राष्ट्र की घोषणा के...
आदिवासी अधिकारों की रक्षा केवल आदिवासी समाज के हित का प्रश्न नहीं है। यह लोकतंत्र...
शराब माफिया के आगे बेबस सरकारी तंत्र
सागर की घटना मध्य प्रदेश में जहरीली शराब की पहली त्रासदी नहीं है। वास्तव में यह...
हिमालय क्षेत्र में विकास की सोच को बदलना होगा
हिमालय को नुकसान पहुंचा तो भारत, नेपाल, भूटान, तिब्बत ही नहीं, चीन पाकिस्तान को...
शिक्षा को खोजते विद्यार्थी
सरकारी विद्यालयों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को कमतरी का भान करा दिया गया।...
एक अखबार और पहला स्वतंत्रता दिवस
15 अगस्त 1947 को प्रकाशित इस विशिष्ट समाचार पर गौर करें। शीर्षक है, "प्रश्नपत्रों...
विश्व आदिवासी दिवस: आदिवासी अस्मिता और विकास की वर्तमान...
सबसे अधिक आदिवासी वाला राज्य होने के बाद भी देश में सबसे अधिक अपराध आदिवासियों के...
भाषा नहीं, मुद्दों पर बात कीजिए
हमारी वर्तमान व्यवस्था ने युवाओं के हाथ में निर्माण के औज़ार दिए ही नहीं इसलिए वह...
जंतर-मंतर : दुराग्रह, आग्रह और सत्याग्रह
जंतर-मंतर पर हुए हालिया आंदोलन पर विस्तृत विचार करने के बाद तीन शब्द उभरते हैं पहला...
परीक्षा व्यवस्था के संकट से लोकतांत्रिक टकराव तक
पिछले एक दशक में देशभर में केंद्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं के 90 से अधिक पेपर...




