UP में रहस्यमयी बुखार का कहर, बढ़ते मौत के आंकड़ों पर नोएडा में हाईअलर्ट

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वायरल बुखार से हालात बेकाबू, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी जैसे जिलों में हो रही है लोगों की मौत, 50 से अधिक बच्चों ने गंवाई जान

Updated: Aug 31, 2021, 09:52 AM IST

UP में रहस्यमयी बुखार का कहर, बढ़ते मौत के आंकड़ों पर नोएडा में हाईअलर्ट
Photo Courtesy: Jansatta

फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश में रहस्यमयी बुखार का कहर बढ़ता ही जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, एटा और कासगंज जिलों में हालात बेकाबू हो गए हैं। पड़ोस के जिलों में स्थिति नियंत्रण से बाहर जाता देख नोएडा प्रशासन ने हाईअलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को बुखार के मामलों की विशेष रूप से निगरानी करने और रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वायरल बुखार से लगातार हो रही मौतों को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने दुःखद बताया है। प्रियंका गांधी ने तत्काल प्रभाव से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद कर इस बीमारी के रोकथाम के प्रयास करने की मांग की है। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा है कि बीमारी से पीड़ित लोगों के बेहतर इलाज की भी व्यवस्था की जाए। 

वायरल बुखार का सबसे ज्यादा कहर फिरोजाबाद पर टूटा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अकेले फिरोजाबाद में ही 39 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 32 बच्चे शामिल हैं। जिले में इतनी बड़ी संख्या में हुई मौत के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ हरकत में आ गए हैं। सीएम योगी ने यहां सरकारी मेडिकल कॉलेज में हालात का जायजा लिया है। 

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बताया जा रहा है कि फिरोजाबाद के ग्रामीण इलाकों में सैंकड़ों की संख्या में लोग वायरल फीवर व बैक्टीरिया जनित बीमारी डेंगू और मलेरिया कि चपेट में आ गए हैं। स्थिति ये है कि अस्पतालों में जगह कम पड़ गए हैं। वार्ड फूल होने के बाद अब बुखार पीड़ितों को कोविड-19 के लिए बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया जा रहा है। साथ ही कई मरीजों को अन्य शहरों में भी ट्रांसफर किया जा रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक इस वायरल बुखार की तीव्रता अधिक है और बच्चों को ठीक होने में दो सप्ताह लग रहा है।

जानकारी के मुताबिक हफ्तेभर में पश्चिमी यूपी में 50 से अधिक बच्चे समेत सैंकड़ों लोगों की मौत हुई है। यह संख्या इससे ज्यादा भी हो सकती है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में घर पर मरने वालों और निजी अस्पतालों में हुई मौत का कोई रिकॉर्ड नहीं है। खास बात ये है कि मृतकों में किसी का कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आया है। मामला बिगड़ने के बाद अब सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों को घर-घर जाकर दवा बांटने के कार्य में लगवाया है।