उत्तरप्रदेश में मानवता हुई तार-तार, ऑक्सीजन सपोर्ट पर जीवित 90 वर्षीय वृद्ध के पैरों में लगाई गई बेड़ियां

आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी बाबूराम को सांस लेने में दिक्कत की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, यहां बंदी प्रहरियों ने उनके पैरों में डाली बेड़ियां

Updated: May 14, 2021, 10:07 AM IST

उत्तरप्रदेश में मानवता हुई तार-तार, ऑक्सीजन सपोर्ट पर जीवित 90 वर्षीय वृद्ध के पैरों में लगाई गई बेड़ियां

एटा। उत्तरप्रदेश के एटा से एक बेहद क्रूर और मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां ऑक्सीजन सपोर्ट पर जीवित एक 90 वर्षीय वृद्ध के पैरों में बेड़ियां डाली गई। यह इसलिए किया गया क्योंकि बुजुर्ग किसी मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। इस घटना के सामने आने के बाद कांग्रेस ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा है कि क्रूरता के बल पर शासन करना इनका धर्म हो गया है।

उत्तरप्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष ललितेश पति त्रिपाठी ने ट्वीट किया, 'योगी आदित्यनाथ जी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही रामराज्य में संवेदनशीलता की  हत्या कर दी गई थी, केवल क्रूरता और आक्रामकता के बल पर ही शासन करना इनका धर्म बन गया। आप सब भी देखिए, किस प्रकार एटा में प्रशासन ने एक 90 वर्षीय कैदी को ऑक्सीजन बेड पर भी बेड़ियों से बांध रखा है।' 

रिपोर्ट्स के मुताबिक 90 वर्षीय बाबूराम कई वर्षों से आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। चार दिन पहले उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने की शिकायत पर उपचार के लिए कोतवाली नगर क्षेत्र के महिला जिला अस्पताल में बने नॉन कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया था। जेल की ओर से 90 वर्षीय बुजुर्ग पर नजर रखने के लिए हॉस्पिटल में प्रहरी नियुक्त किए गए थे।

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बताया जा रहा है कि तैनात जेल प्रहरी बुजुर्ग के पैरों में बेड़ियां लगाकर उसे बेड से बांध देते थे और खुद बाहर घूमने चले जाते थे। यहां ये समझ के बाहर है कि 90 साल का जो बुजुर्ग ठीक से चल नहीं सकता, और ऑक्सीजन सपोर्ट पर जीवित हो उन्हें किस बात के डर से बेड़ियां लगाई गई थी। कुख्यात से कुख्यात अपराधी भी जब ऑक्सीजन सपोर्ट पर जिंदा हो तो वह भाग नहीं सकता, और यहां तो 90 साल के एक बुजुर्ग थे।

बुजुर्ग के साथ इस अमानवीय व्यवहार को देखकर किसी ने फ़ोटो खींचकर सोशल मीडिया के माध्यम से जब वायरल कर दिया तो जिला प्रशासन की चौतरफा आलोचना की गई। मामला तूल पकड़ने के बाद एटा जेल डीजी आनंद कुमार ने इसपर संज्ञान लेते हुए जेल वार्डन को निलंबित कर दिया। जेल डीजी ने कहा है कि इसके लिए दोषी व्यक्ति को माफ नहीं किया जाएगा।