डॉक्टर मैं हूं या तुम हो, कहकर अस्पताल स्टाफ ने बुजुर्ग व्यक्ति को कोरोना टीका की जगह दिया कुत्ते काटने की सुई

जब से टीका लिया तब से सर में दर्द, कोरोना टीका के जगह एंटी रैबीज लगाने का आरोप, हॉस्पिटल स्टाफ ने ने दुसरे डोज के लिए 3 दिन बाद बुलाया, यूपी के शामली से भी आ चुका है इस तरह का मामला

Updated: Apr 14, 2021, 10:49 AM IST

डॉक्टर मैं हूं या तुम हो, कहकर अस्पताल स्टाफ ने बुजुर्ग व्यक्ति को कोरोना टीका की जगह दिया कुत्ते काटने की सुई

हापुड़। उत्तरप्रदेश में कोरोना टीकाकरण अभियान को लेकर एक और लापरवाही का मामला सामने आया है। इस बार हापुड़ के एक बुजुर्ग ने आरोप लगाया है कि कोरोना वैक्सीन की जगह उन्हें एंटी रैबीज यानी कुत्ता काटने के बाद दी जाने वाली इंजेक्शन लगा दिया गया। बुजुर्ग ने बताया है की टीका लेने के बाद से उनके सिर में लगातार दर्द रह रही है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर सीएमओ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक हापुड़ के गांव सपनावत निवासी जयवीर सिंह बीते 7 अप्रैल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सपनावत में कोरोना का टीका लगवाने गए थे। उन्होंने आरोप लगाया है कि अस्पताल के स्टाफ ने उन्हें कोरोना के जगह एंटी रैबीज टीका लगा दिया जबकि वे बार-बार ये कहते रहे कि उन्हें कोरोना का टीका लगवाना है। जबसे उन्होंने इंजेक्शन ली है उनके सर में दर्द रहता है। इतना ही नहीं अस्पताल स्टाफ के खिलाफ उन्होंने अभद्रता करने का भी आरोप लगाया है।

 

पीड़ित ने उस दिन के घटनाक्रम के बारे में बताया है कि जब वे अस्पताल गए तो उन्हें बाहर से खरीदकर एक इंजेक्शन लाने को बोला गया। बुजुर्ग ने पूछा कि क्या अस्पताल में सुई नहीं है तो स्टाफ ने बताया कि कुत्ते वाली सुई ले आओ। बुजुर्ग ने तब यह भी कहा कि मुझे कोरोना का टीका लेना है लेकिन स्टाफ ने झल्लाते हुए कहा कि डॉक्टर तुम हो या मैं हूं। आरोप है कि रैबीज टीका लगाने के बाद उन्हें दूसरा डोज तीन दिन बाद लेने को बोला गया। इसपर बुजुर्ग ने कहा की ये तो चार हफ्ते बाद लगती है, तब मेडिकल स्टाफ ने फिर कहा कि डॉक्टर तुम हो या मैं हूँ? 

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बता दें कि उत्तरप्रदेश में यह पहला मामला नहीं है जब कोरोना टीका के जगह एंटी रैबीज लगाने का मामला सामने आया हो। इसके पहले तीन बुजुर्ग महिलाओं ने भी इस तरह का आरोप लगाया था। टीका लगवाकर जब महिलाएं घर आईं तो एक की तबियत बिगड़ गई। उनके घर वाले जब आनन-फानन में उन्हें निजी डॉक्टर के पास ले गए तो डॉक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र की पर्ची देखकर सिर पकड़ लिया। डॉक्टर ने उन्हें बताया कि इन्हें कोरोना वैक्सीन के बजाए एंटी रैबीज टीका दिया गया है जो कुत्ते के काटने के बाद दी जाती है।